अनलॉक-1 में और बिगड़े हालात, 1 जून से 8 जून तक बढ़े 30% कोरोना के नए मरीज

ढाई महीने के लॉकडाउन के बाद देश आज अनलॉक-1 के दूसरे फेज में दाखिल हो गया है. अब धार्मिक स्थलों, शॉपिंग मॉल और रेस्टोरेंट को खोल दिया गया है, लेकिन बीते एक हफ्ते में जिस तेजी से कोरोना के मरीजों की संख्या बढ़ी है, उस गति से कभी नहीं बढ़ी. यही देश के लिए चिंता की बात है. बीते एक हफ्ते में कोरोना के मरीजों में रोजाना 8000 से 10000 के बीच बढ़ोतरी हो रही है. इस दौरान करीब दो हज़ार लोगों की मौत हुई है.

बड़े शहरों का हाल सबसे ज्यादा बुरा है. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में ही हर रोज करीब एक हजार नए मामले सामने आ रहे हैं. नए मरीजों की तादाद जिस तेजी से बढ़ रही है उससे दिल्ली सरकार भी चिंतित है और उसने राजधानी के अस्पतालों में इलाज के लिए शर्तें बदल दी हैं. दिल्ली से बाहर वालों के लिए अस्पतालों के दरवाजे बंद कर दिए गए हैं. वहीं नोएडा और गाजियाबाद की ओर से दिल्ली बॉर्डर सील कर दिया गया है.

यूपी की बात करें तो यहां कुल कोरोना मरीजों का आंकड़ा 10 हजार की संख्या को पार कर चुका है. महाराष्ट्र में हालात सबसे ज्यादा चिंताजनक हैं. देश में कोरोना के सबसे ज्यादा मरीज महाराष्ट्र में ही हैं. महाराष्ट्र में कोरोना के केस 85 हजार के पार हैं. अनलॉक-1 में भारत कोरोना से सबसे अधिक संक्रमित मरीजों के मामले में दुनिया का छठा देश बन गया है.

तारीख मौत

1 जून

230

8392

2जून

204

8171

3 जून

217

8909

4 जून

260

9304

5 जून

273

9851

6 जून

294

9887

7 जून

287

9971

8 जून

206

9983

कुल

1971

74468

अनलॉक-1 में कोरोना का कहर

एक्टिव केस के मामले में भारत अब दुनिया में चौथे स्थान पर पहुंच गया है
सिर्फ एक दिन में दर्ज किए गए सबसे अधिक 9,983 केस
भारत में कोरोना मरीज़ों की संख्या इटली और तुर्की से भी अधिक हो गई है
महाराष्ट्र में 24 घंटे में 3007 नए कोरोना के मामले
दिल्ली में एक दिन में ही दर्ज किए गए 1,282 केस
मध्यप्रदेश, गुजरात, राजस्थान, बंगाल और उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ रहे हैं मामले
अनलॉक-1 में कोरोना का खतरा
एक रिपोर्ट के मुताबिक, सिर्फ 9% लोग 80% संक्रमण फैलाने के जिम्मेदार बताए जा रहे हैं. ये खतरा इसलिए भी बढ़ता हुआ दिख दे रहा है कि अनलॉक-1 के दूसरे फेज में आज से होटल, शॉपिंग मॉल, रेस्टारेंट और धार्मिक स्थलों को खोलने की इजाजत दी गई है. अगर लोग नियमों के पालन में कोताही बरतेंगे तो यह संख्या और बढ़ सकती है.