महिलाएं और बच्चे ना हो कुपोषण का शिकार, इसलिए सरकार ने आवंटित किए इतने करोड़ रुपये

सरकार ने शुक्रवार को लोकसभा में कहा कि बच्चों, गर्भवती महिलाओं और किशोरियों के कुपोषण के मुद्दे पर ध्यान देने के लिए 9000 करोड़ रुपये से ज्यादा चिह्नित किये गये हैं.

केंद्रीय महिला और बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने प्रश्नकाल में कहा कि सरकार ने 18 दिसंबर 2017 में पोषण अभियान शुरू किया था जो तीन साल की अवधि के लिए प्रारंभ किया गया. इसके लिए कुल 9046 करोड़ रुपये का बजट रखा गया.

उन्होंने कहा, ‘‘इसके तहत सभी 36 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों और जिलों को रखा गया है. पोषण अभियान का उद्देश्य छह साल तक की उम्र के बच्चों, किशोरियों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं के पोषण स्तर में निर्धारित लक्ष्यों के साथ तीन साल की अवधि में समयबद्ध तरीके से सुधार करना है.’