कोरोना वायरस: स्वास्थ्य मंत्रालय की युवाओं से अपील, ‘खुद जागरुक रहें, दूसरों को जागरुक करें’

कोरोना वायरस के बढ़ते कहर को रोकने के लिए डीओपीटी ने कर्मचारियों को आदेश जारी किया है. जिससे ऑफिस में भीड़ कम हो. इसके अलावा रेलवे, मेट्रो, बस स्टैंड एयरपोर्ट पर भीड़ कम करने के आदेश जारी किए गए हैं. 65 साल से ऊपर के लोगों और 10 साल की उम्र से कम के बच्चों को घर में रहने की सलाह दी गई है. युवाओं से खुद ही आगे आने की अपील की गई है.

स्वास्थ्य मंत्रालय के सयुंक्त सचिव लव अग्रवाल ने बताया कि प्राइवेट लैब से अभी बातचीत चल रही है. सरकार निजी लैब्स के साथ सहयोग करने को तैयार हैं. इस बारे में बातचीत चल रही है. सरकार ने निजी लैब्स को परीक्षण के लिए जरूरी रिजेंट और अन्य सामान उपलब्ध कराने के लिए कहा है. सरकार की तरफ से उठाए गए कदमों के लिए लॉक डाउन जैसे शब्द से बताना अनुचित होगा. यह प्रयास है कि कैसे हम एक संक्रामक रोग से अपने लोगों को बचा सकें. इसलिए सब लोगों को साथ लेकर चलने की कोशिश के तौर पर देखा जाना चाहिए.

उन्होंने कहा कि भारत के पास टेस्टिंग किट है और जो ऑर्डर किया था वो कुछ आ गया है और आ रहा है. हमारे पास आइसोलेशन के लिए अस्पताल, बेड, डॉक्टर, मास्क के साथ पर्सनल प्रोटेक्शन इक्विपमेंट सब कुछ है. 21 मार्च को एयर इंडिया की फ्लाइट रोम में फंसे भारतीयों को लेने के उड़ेगी और 22 को भारत पहुंचेगी. युवा खुद जागरुक रहें और आसपास के लोगों को जागरुक करें. अगर किसी को जानकारी की कमी है तो उसे युवा मदद कर सकते हैं. कम्युनिटी ट्रांसमिशन में बहुत लोग बीमार पड़ने लगते हैं. अभी भारत में वो स्टेज नहीं है. भारत में कम्युनिटी ट्रांसमिशन नहीं है.

उन्होंने बताया कि ICMR की टेस्टिंग के अलावा भी कई मेथड से हम कह सकते हैं कि अभी कम्युनिटी ट्रांमिशन नहीं है. सभी से अपील है कि पैनिक नहीं प्रिपेयर होने की जरूरत है. वर्क फ्रॉम होम की सलाह का पालन ना होने पर लव अग्रवाल ने कहा कि ग्रुप ऑफ मिनिस्टर ने जो फैसला लिया है उसमें हम सबका साथ चाहते हैं. हम सबको आग्रह करेंगे कि इसका अनुपालन किया जाए. लेकिन यदि कोई इसका पालन नहीं करता है तो सबका स्वास्थ्य हित देखते हुए इसका पालन करवाने के लिए सरकार आवश्यक कदम उठाएगी.