‘एक देश-एक स्कूल’ और टैक्स में छूट की मांग, बजट से पहले PM मोदी को मिले ऐसे-ऐसे सुझाव

मोदी सरकार इस बार 1 फरवरी को ऐसा बजट पेश करना चाहती है, जिसमें हर वर्ग की सहूलियतों का ध्यान रखा जा सके. इसके लिए प्रधानमंत्री कार्यालय बजट से पहले सभी से सुझाव लेने में जुटा है. बीजेपी भी पिछले दिनों से आम लोगों के साथ ‘प्री बजट कंसल्टेशन’ मीटिंग के जरिए उनकी मांगों से वाकिफ हो रही है. इस दौरान ‘एक देश, एक स्कूल’ और टैक्स में छूट जैसे तमाम सुझाव सरकार को मिले हैं, जिन्हें वित्त मंत्रालय भेज दिया गया है.

प्रधानमंत्री मोदी को ऐसा ही एक सुझाव मिला है, जिसमें स्कूलों की फीस निर्धारित करने की बात कही गई है. एक शख्स ने अपने सुझाव में लिखा है, ”सर, सारी बचत टैक्स में चली जाती है, कुछ कीजिए. एक देश, एक स्कूल हो जिसमें फीस तय हो.”

एक व्यक्ति नवनीत शर्मा ने पीएमओ को सुझाव लिखा है, ”प्रधानमंत्री जी, मैं एक आम नागरिक हूं. आज के समय मंहगाई बहुत ज्यादा है और प्राइवेट स्कूलों में फीस बहुत ज्यादा है. इस बारे में कुछ सोचें.”

देश की जनता ने टैक्स में छूट को लेकर सबसे ज्यादा सुझाव दिए हैं. राजेंद्र सिंह हीरा ने लिखा है, ”वरिष्ठ नागरिकों की बचत पर ब्याज दर में बढ़ोतरी की जाए ताकि उनको जीवन-यापन में तकलीफ न आए.”

एक और शख्स मनु कपिला ने सुझाव में लिखा है, ”पीपीएफ डाकघर बचत योजना में सालाना 1.5 लाख की लिमिट को बढ़ाकर 2 लाख रुपए सालाना किया जाए. इससे बैंकों के पास पैसा आएगा. इनकम टैक्स छूट को बढ़ाकर 5 लाख रुपए सालाना किया जाए और टैक्स गणना उससे ऊपर की इनकम पर की जाए. इससे मिडिल क्लास के हाथ में ज्यादा पैसा आएगा. LTCG टैक्स को टैक्स फ्री किया जाए.”

इसके अलावा देश के जागरूक नागरिक ने सुझाव दिया है कि जो लोग रेल में 15 बार बिना टिकट यात्रा करते पकड़े जाएं, उन्हें सरकारी नौकरियों के लिए प्रतिबंधित कर दिया जाए. क्योंकि रेलवे में बिना टिकट यात्रा करने वाले लोगों की संख्या अधिक है.

आम बजट 2020 से पहले सरकार को करीब 1 लाख सुझाव मिल चुके हैं. प्रधानमंत्री कार्यालय इन सुझावों में से चुनिंदा रचनात्मक सुझावों को वित्त मंत्रालय प्रेषित कर रहा है.

मोदी सरकार के एक फरवरी को पेश होने वाले आम बजट में कई रचनात्मक और अहम सुझावों को शामिल किया जा सकता है. पिछले साल भी मोदी सरकार ने जनता के दो दर्जन सुझावों को बजट में शामिल किया था.

वहीं, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से भी इस बजट में गांव, गरीब और किसान का खास ख्याल रखने की मांग की गई है. इसके अलावा नौकरीपेशा वर्ग के लिए टैक्स में यथासंभव रियायत देने की भी मांग सामने आई.