सुप्रीम कोर्ट के फैसले को ममता ने बताया अपनी जीत, राजीव कुमार की नहीं होगी गिरफ्तारी

राजीव कुमार को गिरफ्तारी से राहत, लेकिन CBI के सामने पेश होना होगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सीबीआई की अवमानना याचिका पर नोटिस जारी किया जाएगा। राजीव कुमार मेघालय के शिलांग में सीबीआई के समक्ष एक न्यूट्रल प्लेस पर पेश होंगे। वहीं ममता बनर्जी ने कहा कि यह सिर्फ मेरी जीत नहीं बल्कि देश की जीत है, संविधान की जीत है। अगली सुनवाई 20 फरवरी को होगी।

चिटफंड घोटाले की जांच के लिए पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा गठित एसआईटी का नेतृत्व कोलकाता के पुलिस आयुक्त राजीव कुमार कर रहे थे : अटॉर्नी जनरल

कोलकाता पुलिस के कमिश्नर राजीव कुमार सीबीआई जांच में तटस्थ जगह शिलॉन्ग में होंगे शामिल।

कोलकाता पुलिस प्रमुख राजीव कुमार की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता ए एम सिंघवी ने आरोप लगाया कि सीबीआई ने अपना नंबर बढ़ाने के लिए यह कदम उठाया। इतनी जल्दी क्या है? पांच साल तक कोई एफआईआर नहीं हुई, राजीव कुमार के खिलाफ सबूत नष्ट करने का मामला नहीं दर्ज किया गया।

अवमानना मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कोलकाता पुलिस के कमिश्नर, डीजीपी और पश्चिम बंगाल को नोटिस जारी किया है।

मुख्य न्यायधीश ने कहा कि हम पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार को जांच में सहयोग करने को कहेंगे। अवमानना मामले की सुनवाई बाद में होगी।

पश्चिम बंगाल पुलिस ने इस मामले में कोलकाता हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी मगर सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को होने वाली सुनवाई की वजह से हाईकोर्ट में सुनवाई टल गई है। अब यह सुनवाई सात फरवरी को होगी।

सीबीआई के एफीडेविट के मुताबिक एसआईटी की जांच में लैपटॉप, मोबाइल और अन्य सबूत पश्चिम बंगाल पुलिस ने शारदा घोटाले के मुख्य आरोपी को सौंपे। पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार के निर्देशों पर काम कर रही थी।

पश्चिम बंगाल में सरकार बनाम सीबीआई के विवाद को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का धरना जारी है। कोलकाता के मेट्रो चैनल के पास ममता तीसरे दिन भी संविधान बचाओ धरने पर बैठी हैं।

अभिनेत्री और टीएमसी नेता इंद्राणी हल्दर कोलकाता में धरना स्थल पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मिलने पहुंचीं। बता दें कि 3 फरवरी से ही ममता बनर्जी का धरना जारी है।

क्या है चिटफंड घोटाला
पश्चिम बंगाल से जुड़े शारदा ग्रुप ने 2013 में गलत तरीके से निवेशकों से पैसे जुटाए और उन्हें वापस नहीं किया। शारदा ग्रुप पर करीब 10 लाख निवेशकों से 2500 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी करने का अनुमान है।

वहीं रोजवैली के अध्यक्ष गौतम कुंडु पर आरोप है कि उन्होंने चिटफंड योजनाओं के जरिये छोटे निवेशकों के साथ करीब 17,000 करोड़ रुपये की ठगी की है। माना जाता है कि इन दोनों कंपनियों के तार सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस से भी जुड़े हुए हैं।