एयरस्‍ट्राइक पर राहुल गांधी के करीबी सैम पित्रोदा ने उठाए सवाल, PM मोदी ने किया पलटवार

कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी के करीबी और ओवरसीज कांग्रेस के चेयरमैन सैम पित्रोदा ने पाकिस्‍तान के बालाकोट में की गई भारतीय वायुसेना एयरस्‍ट्राइक पर सवाल उठाए हैं. सैम पित्रोदा ने कहा है, ‘अगर उन्‍होंने (भारतीय वायुसेना) 300 आतंकी मारे हैं तो ठीक है. मैं बस इतना कहना चाहता हूं कि आप मुझे इसके और तथ्‍य मुहैया करा सकते हैं. इसे पुख्‍ता कर सकते हैं.’ इस पर पीएम नरेंद्र मोदी ने पलटवार करते हुए कांग्रेस को आड़े हाथों लिया. उन्‍होंने ट्वीट कर कहा, ‘विपक्ष हमेशा लगातार हमारी सेनाओं का अपमान करता है. भारत हमेशा अपनी सेना के साथ खड़ा है.’ पीएम ने लिखा है, ‘मैं भारतीयों से अपील करना चाहूंगा कि वे विपक्ष के नेताओं से उनके बयानों पर सवाल करें. उनको यह बताएं कि 130 करोड़ भारतीय विपक्ष को उसकी ऐसी हरकतों के लिए ना तो माफ करेंगे और ना ही भूलेंगे.

समाचार एजेंसी एएनआई में प्रकाशित खबर के मुताबिक कांग्रेस नेता सैम पित्रोदा ने पाकिस्‍तान के बालाकोट में 26 फरवरी को आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्‍मद के ठिकानों पर की गई एयरस्‍ट्राइक पर सवाल उठाए हैं. उन्‍होंने कहा है कि अंतरराष्‍ट्रीय मीडिया में इस एयरस्‍ट्राइक को लेकर दूसरा ही पक्ष है. भारत के लोगों को भारतीय वायुसेना की ओर से की गई इस कार्रवाई के तथ्‍य जानने का अधिकार है.

सैम पित्रोदा ने कहा है, ‘मैं इस बारे में कुछ अधिक जानना चाहता हूं क्‍योंकि मैंने न्‍यूयॉर्क टाइम्‍स समेत अन्‍य अखबारों में कुछ रिपोर्ट पढ़ी हैं. क्‍या हमने सच में हमला किया? क्‍या हमने सच में 300 आतंकियों को मारा? मैं यह नहीं जानता.’ कांग्रेस नेता ने आगे कहा, ‘एक नागरिक होने के कारण मुझे यह जानना का हक है और अगर मैं इसके बारे में पूछ रहा हूं तो इसका मतलब यह नहीं है कि राष्‍ट्रवादी नहीं हूं या इसका मतलब यह नहीं है कि मैं इस तरफ हूं या उस तरफ.’

सैम पित्रोदा लोकसभा चुनाव 2019 के लिए कांग्रेस की मैनिफेस्‍टो कमेटी भी शामिल हैं. उन्‍होंने पाकिस्‍तान से वार्ता करने की मांग की है. उनका कहना है, ‘मैं गांधीवादी हूं. मैं अधिक क्षमा देने और सम्‍मान में यकीन करता हूं. मैं निजी तौर पर अधिक वार्ता में यकीन करता हूं. मेरा मानना है कि हमें सभी के साथ वार्ता करनी चाहिए. सिर्फ पाकिस्‍तान ही क्‍यों? हम पूरी दुनिया के साथ वार्ता कर रहे हैं.’

सैम पित्रोदा ने पुलवामा हमले के जिक्र पर कहा कि ऐसा मानना बहुत सरल है कि किसी देश से कुछ लोग यहां आकर हमला करें और इसके बाद उस देश के प्रत्‍येक नागरिक को इसका दोषी मान लिया जाए. उन्‍होंने मुंबई हमले का भी जिक्र करते हुए कहा, ‘मुझे पुलवामा हमले के बारे में अधिक जानकारी नहीं है. ऐसा हमेशा होता है. मुंबई के ताज होटल और ओबेरॉय होटल में आतंकी हमला हुआ थाथा. हमें तब इस पर प्रतिक्रिया देते हुए अपने लड़ाकू विमान वहां भेजने चाहिए थे. लेकिन मेरे हिसाब से यह सही तरीका नहीं है.’ 2008 के मुंबई आतंकी हमले पर उन्‍होंने कहा कि 8 लोग यहां आएं और कुछ कर दें. ऐसे में आप पूरे देश पर तो कार्रवाई नहीं कर सकते.’