रक्षा मंत्रालय में संयुक्त सचिव पद पर तैनात होंगे मेजर जनरल रैंक के ऑफिसर

रक्षा मंत्रालय में पहली बार संयुक्त सचिव पद पर सैन्य अधिकारियों को नियुक्त किया जाएगा। ये सभी थल, जल और वायु सेना के मेजर जनरल रैंक के अधिकारी होंगे। इससे जुड़ा प्रस्ताव सरकार के पास भेजा गया है। सभी अधिकारी अपने बलों से संबंधित नौकरीशाही कार्य की देखभाल करेंगे। सीडीएस जनरल बिपिन रावत ने इससे जुड़ा प्रस्ताव सरकार के पास भेजा है। इन अधिकारियों को रक्षा मंत्रालय के डिपार्टमेंट ऑफ मिलिट्री अफेयर्स (डीएमए) में नियुक्त किया जाएगा। सूत्रों ने बताया कि जनरल बिपिन रावत की अगुवाई में डीएमए के अधिकारी संसद के सामने अपने कार्यों का ब्योरा पेश करेंगे। 17 फरवरी से शुरू होने वाली संसद की स्थाई समिति की बैठक में विभाग इसका प्रस्तुतिकरण देने की तैयारियों में जुटा है।

मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, मेजर जनरल टीएसए नारायणन, रियर एडमिरल आरके धीर और एयर वाइस मार्शल एसके झा का नाम संयुक्त सचिव पद के लिए सरकार के पास अनुमोदन के लिए भेजा गया है। इनके अलावा अतिरिक्त सचिव के पद पर लेफ्टिनेंट जनरल रैंक के अधिकारियों की नियुक्ति का प्रस्ताव भी भेजा गया है। सीडीएस में भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी भी हैं जिनमें डीएमए में कार्यरत राजीव सिंह ठाकुर और शांतनु सहित अन्य नागरिक कर्मचारी सशस्त्र बल मुख्यालय के कैडर से हैं, जो वहां महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत हैं।

सीडीएस रावत ने सिविल और सैन्य संयुक्त सचिव के काम बांट दिए हैं। आईएएस अधिकारियों को दूसरे मंत्रालय या अन्य विभागों के जरिए होने वाले कार्यों की जिम्मेदारी दी गई है। लोक सभा और राज्यसभा के प्रश्नों का जवाब देना भी आईएएस अधिकारियों के जिम्मे है। सेना के तीनों अंगों से जुड़े सभी कार्य अब डीएमए देख रहा है।

सूत्रों ने बताया कि संसदीय कार्य आईएएस अधिकारियों द्वारा किया जा रहा है। वे लोकसभा और राज्यसभा में उठे सवालों के जवाब तैयार करते हैं और स्थायी समिति की बैठकों की तैयारी भी करते हैं। रक्षा मंत्रालय की तीनों सेवाओं से संबंधित अधिकांश कार्य डीएमए के पास आ गए हैं जबकि बचे हुए अवशिष्ट कार्य को रक्षा विभाग में संयुक्त सचिव (सशस्त्र बल) को सौंपा गया है।