डेरामुखी को सुनारिया जेल से ही सुनाई जाएगी सजा, सुरक्षा कारणों से उठाया गया कदम

डेरामुखी को सजा सुनाए जाने के मामले में रोहतक स्थित सुनारिया जेल में एक बार फिर सीबीआई की विशेष अदालत लगाने की तैयारी है। लिहाजा जेल प्रशासन को इसके लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ेगी। सुरक्षा कारणों को देखते हुए सरकार यह कदम उठाने की तैयारी कर रही है। पंचकूला में 25 अगस्त 2017 में हुई हिंसा के बाद अब सरकार दोबारा उस तरह का रिस्क नहीं लेना चाहती है। इसलिए यह तय है कि राम रहीम को छत्रपति हत्याकांड में सजा रोहतक की सुनारिया जेल में ही सुनाई जाएगी।

मालूम हो कि 25 अगस्त 2017 को जब गुरमीत राम रहीम को साध्वियों के यौन उत्पीड़न मामले में दोषी करार दिया तो उनके अनुयायियों ने पंचकूला में हिंसा और आगजनी की थी। हिंसा में 42 लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद 28 अगस्त को सीबीआई की विशेष अदालत सुनारिया जेल में ही लगाई गई थी। जज जगदीप सिंह ने सुनारियां जेल पहुंच कर राम रहीम को सजा सुनाई थी।

डेरामुखी सहित तीन अन्य आरोपियों को पंचकूला स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने शुक्रवार को पत्रकार छत्रपति हत्याकांड में दोषी करार दिया है। इस मामले में कोर्ट 17 जनवरी को सजा सुनाएगी। अब चूंकि कानून व्यवस्था और आरोपियों को पेश करने की जिम्मेदारी राज्य सरकार की है। इसलिए हरियाणा सरकार की ओर से सीबीआई कोर्ट में अपील दाखिल करके यह मांग की जा सकती है कि कोर्ट सुनारिया जेल में बनाई जाए।

सोमवार को सरकार जा सकती है हाईकोर्ट
सोमवार को हरियाणा सरकार की तरफ से इस मामले में हाईकोर्ट में याचिका दायर की जा सकती है, क्योंकि कोर्ट चेंज करने की अनुमति हाईकोर्ट ही दे सकता है। साध्वी यौन शोषण मामले में भी यही प्रक्रिया अपनाई गई थी। इसके बाद कोर्ट सुनारिया जेल स्थानांतरित किया गया था। याचिका में सरकार कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए कोर्ट चेंज करने की मांग करेगी।

दोनों मामले एक दूसरे से जुड़े
डेरामुखी राम-रहीम पहले से ही साध्वियों के यौन शोषण मामले में सुनारिया जेल में सजा काट रहा है। पत्रकार रामचंद्र छत्रपति केस भी यौन शोषण मामले से जुड़ा हुआ है। छत्रपति ने अपने अखबार में यौन शोषण के बारे में रिपोर्ट छापी थी। जिसके बाद उसकी हत्या की गई। हत्या का आरोप डेरामुखी सहित अन्य लोगों पर था। जिन्हें कोर्ट ने दोषी करार दिया है।