आठ कंपनियों ने लगाई जेट एयरवेज को खरीदने की बोली, केवल सात विमानों का होगा परिचालन

जेट एयरवेज को खरीदने के लिए कुल आठ कंपनियों और व्यक्तियों ने बोली लगाई है। एसबीआई की अगुवाई वाले बैंकों ने 12 अप्रैल तक ऑनलाइन निविदाएं आमंत्रित की थी। हालांकि जेट एयरवेज की हालत इस बीच और खस्ताहाल हो चुकी है। कंपनी के कर्मचारी सैलरी नहीं मिलने के चलते प्रबंधन पर केस करने का मन बना लिया है। वहीं रविवार से कंपनी केवल सात विमानों का परिचालन करेगी।

इन कंपनियों ने जमा की निविदा
जिन कंपनियों और व्यक्तियों ने जेट के लिए बोली लगाई है उनमें टीपीजी और इंडिगो पार्टनर्स, थिकं इक्विटी व रेडक्लिफ कैपिटल, एतिहाद एयरवेज, नरेश गोयल, संजय बिजलानी व सुनील सोनी, जेट एयरवेज के ईवीपी निखिल वैद्य और लेहमेन ब्रदर्स के पूर्व अधिकारी चैतन्य कुमार शामिल हैं।

जेट एयरवेज मामले को सुलझाने उतरा पीएमओ
नकदी संकट से जूझ रही निजी क्षेत्र की विमानन कंपनी जेट एयरवेज की अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द होने की खबरों के बाद अब सरकार भी सक्रिय हो गई है। इसी के मद्देनजर प्रधानमंत्री कार्यालय ने एयरलाइन की स्थिति पर विचार-विमर्श के लिए शुक्रवार को बैठक बुलाई।
इससे पहले नागर विमानन मंत्री सुरेश प्रभु ने नागर विमानन सचिव प्रदीप सिंह खरोला को इस मामले की समीक्षा करने का निर्देश दे दिया था। उसके बाद पीएमओ की ओर से बैठक बुलाई गई।

प्रभु ने विमानन सचिव से कहा था कि यात्रियों को कम-से-कम दिक्कत हो, इसके लिए सभी संभव कदम उठाए जाएं। उनकी सुरक्षा में कोई कमी नहीं आए। प्रभु ने बताया कि जांच में इस बात का भी आकलन किया जाएगा कि क्या संकटग्रस्त जेट एयरवेज फिर से सुचारु रूप से उड़ान भर पाएगी।