मसूद अज़हर पर शिकंजा कसने को तैयार भारत, चीन पहुंचे विदेश सचिव गोखले

एक बार फिर पाकिस्तानी आतंकी मसूद अज़हर भारत के राडार पर आ गया है. भारत के विदेश सचिव विजय गोखले दो दिनों के चीन दौरे पर हैं. कहा जा रहा है कि कई अहम मुद्दों समेत इस बार गोखले मसूद अज़हर को लेकर भी चर्चा छेड़ेंगे. संयुक्त राष्ट्र में मसूद अज़हर को वैश्विक आतंकी घोषित करने में चीन ने जो पेंच फंसाया है उसके समाधान पर भी बात आगे बढ़ सकती है. गौरतलब है कि मसूद अज़हर भारत की ज़मीन पर हुई कई आतंकी वारदातों का मास्टरमाइंड है और कंधार हवाई जहाज अपहरण कांड में उसे भारतीय जेल से मुक्त करा लिया गया था. तभी से वो पाकिस्तान में खुले आम अपनी कार्यवाही संचालित कर रहा है. पिछले डेढ़ दशक में मसूद अज़हर की हरकतें काबू से बाहर हो चली हैं. भारतीय सेना के शिविरों पर हमले से लेकर जम्मू-कश्मीर विधानसभा और संसद तक पर आतंकी हमलों में उसका नाम आया है. भारत मसूद अज़हर पर काबू पाने के लिए पाकिस्तान पर लगातार दबाव बना रहा है मगर चीन ने हर बार भारत की कोशिशों पर पानी फेरा है.

भारत में जारी लोकसभा चुनावों के बीच यदि इस दिशा में वाकई कोई प्रगति होती दिखी तो इसे बीजेपी के लिए गेमचेंजर साबित होने का अनुमान लगाया जा रहा है.

उधर भारत स्थित चीनी दूतावास के मुताबिक गोखले का दौरा नियमित द्विपक्षीय बातचीत के लिए हो रहा है. बातचीत के एजेंडे को लेकर कोई खुलासा नहीं किया गया है. हां, विदेश सचिव इस दौरान चीनी विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात करेंगे.

वैसे भारत ने चीन के बेल्ट एंड फोरम की बैठक के न्यौते को ठुकरा दिया है. उसी आयोजन से पहले गोखले चीन जा रहे हैं. भारत के उलट पाकिस्तान, मालदीव, श्रीलंका, नेपाल, बांग्लादेश ने चीन का न्यौता मंज़ूर कर लिया है. 40 देशों के प्रतिनिधि इस आयोजन में शामिल होंगे. भारत के इनकार को चीन किस तरह लेगा ये गोखले के दौरे से हासिल हुए नतीजे से मालूम पड़ेगा. हालांकि चीन का प्रयास है कि भारत इस कार्यक्रम में शामिल हो ताकि चीन के आयोजन को विस्तृत स्वीकृति मिल सके.