सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने कहा,’सेना युद्ध में दिव्यांग हुए पूर्व सैनिकों की मदद करेगी’

थलसेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने कहा कि सेना युद्ध में दिव्यांग हुए पूर्व सैनिकों के बारे में ब्यौरा जुटा रही है, ताकि जरूरतमंदों को कृत्रिम अंग सहित अन्य सुविधाएं मुहैया करायी जा सकें.

मिलिटरी कॉलेज ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड मेकैनिकल इंजीनियरिंग (एमसीईएमई) के दीक्षांत समारोह में हिस्सा लेने यहां आए जनरल रावत ने कहा कि लक्ष्य दिव्यांग सैनिकों को प्रेरित करना है कि दिव्यांगता का यह मतलब नहीं कि वे कुछ कर नहीं सकते.

उन्होंने कहा,‘सबसे पहले हम इन लोगों की पहचान कर रहे हैं. कुछ ऐसे भी दिव्यांग सैनिक हैं, जो गांव में हैं. कुछ कहीं और रह रहे हैं. कुछ सैनिक 1965 की जंग में दिव्यांग हुए थे. कुछ 1971 में दिव्यांग हुए थे. अब वे बहुत बुजुर्ग हो गए हैं. इसलिए सबसे पहले उनकी पहचान करनी होगी और फिर देखना होगा कि उनकी क्या हालत है.’ ड्यूटी के दौरान दिव्यांग हुए सैनिकों की मदद को लेकर सेना की योजना के बारे में पूछे गए एक सवाल पर उन्होंने यह जवाब दिया .

जनरल रावत ने कहा कि सेना पूर्व सैनिकों की मौजूदा हालत पर विवरण तैयार कर रही है.  उन्होंने कहा कि सेना बहुत अच्छे कृत्रिम अंग मुहैया करा रही है जिससे उन्हें आम जिंदगी गुजर करने में सहायता मिलती है.