कश्मीरी पंडितों की वापसी पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने दिया ये बयान, सिब्बल पर भी साधा निशाना

कश्मीरी पंडितों के नरसंहार पर बीजेपी नेता गिरिराज सिंह का बयान सामने आया है. गिरिराज ने कहा, ‘किसी की पत्नी को उसके पति के खून से सने चावल खाने को मजबूर किया गया, ये घटना दिल दहला देने वाली है. तब अवार्ड वापसी गैंग कहां चला गया था. तब तो किसी सेक्युलर नेता ने उफ तक नहीं किया. 30 साल पहले हुए उस काले दिन को लेकर कोई UN में नहीं गया.’

गिरिराज ने कहा, ‘मैं तो चाहता हूं कि कश्मीरी पंडित वापस कश्मीर जाएं और नए कश्मीर में रहें. मेरी कामना है कि डल झील के किनारे वेद मंत्र का उच्चारण हो. अजान भी हो. सब मिलजुलकर खुशहाली से रहें.’ बता दें कि जम्मू कश्मीर के कश्मीरी पंडितों के लिए 19 जनवरी एक काला दिन है. 19 जनवरी 1990 को कश्मीरी पंडितों को अपनी जान बचाने के लिए कश्मीर से पलायन करना पड़ा था.

इसके अलावा गिरिराज सिंह ने कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल के बयान पर भी प्रतिक्रिया दी. गिरिराज ने कहा, ‘कपिल सिब्बल ने सच बोलने की हिम्मत जुटाई, ये बड़ी बात है. अब उस पर लीपापोती कर रहे हैं. लेकिन सच तो सच है और वो निकल ही जाता है.’ गिरिराज ने कहा, ‘जिन लोगों ने देश को बांटा था किसी ने पूछा था क्या. नेहरू को बनना था प्रधानमंत्री और जिन्ना को पाकिस्तान को मुस्लिम देश बनाना था. लाखों हिंदुओ को मरवा दिया गया था. आलसी, लालची और जयचंद जैसे लोगों की वजह से हमारा देश हजारों साल गुलाम रहा है.’

गिरिराज ने कहा, ‘कांग्रेस को अपने पाप का प्रायश्चित करने का समय है. उनकी गलती को सुधारने का काम हम लोग कर रहे हैं. जो पाकिस्तान कह रहा है, वही भाषा विपक्षी दल के लोग बोल रहे हैं.’

गिरिराज ने कहा, ‘दिल्ली में चुनाव है और केजरीवाल कहते हैं कि अल्पसंख्यक हमारी जीत को सुनिश्चित करेंगे. क्योंकि बाकी लोगों के वोट की कोई कीमत नहीं है. CAA का आंदोलन सिर्फ रोहिंग्याओं और बांग्लादेशी मुसलमानों को बचाने के लिए किया जा रहा है. आंदोलन करने वाले कौन हैं? ये वही JNU के टुकड़े टुकड़े गैंग के लोग हैं, जो कश्मीर में आजादी और अफजल की फांसी के नारे लगा रहे थे.’