लॉकडाउन के बीच अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने की कोशिश, जम्मू-कश्मीर सरकार ने उठाए ये कदम

कोरोना वायरस को हराने के लिए ज़रूरी लॉकडाउन के बीच अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए जम्मू-कश्मीर सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है. सरकार ने लॉकडाउन 3 शुरू होने के साथ ही प्रदेश में बंद पड़े 4500 उद्योगों में से 1600 को सशर्त चलाने की अनुमति दे दी है.

इसके साथ ही प्रदेश सरकार ने दवाइयों के उत्पादन में लगी कंपनियों को 60 प्रतिशत कर्मचारियों की हाजरी को भी स्वीकृति दे दी है. जम्मू कश्मीर उद्योग विभाग के आयुक्त सचिव मनोज कुमार दि्वेदी के मुताबिक यह फैसला लॉकडाउन के चलते बिगड़ रही अर्थव्यस्था को पटरी पर लाने के लिए लिया गया है और जम्मू में 1100 और कश्मीर में 500 उद्योगों को काम करने की इजाज़त दे दी गयी है.

उद्योग विभाग की माने तो अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए विभाग ने एक खाका तैयार किया है जिसके चलते  केवल उद्योगों को चलने की इजाज़त दी गयी है. विभाग के मुताबिक यह खाका इस तरह से तैयार किया गया है कि कोरोना से जारी इस लंबी जंग के दौरान भी उद्योगों को कामयाब तरीके से चलाया जाए.

विभाग का दावा है कि ऐसा रोडमैप तैयार किया गया है कि जिससे उद्योग अपनी पूरी क्षमता तक उत्पादन कर सके. इसके साथ ही उद्योग विभाग ने लघु उद्योगों से जुड़े लोगो को भी अपना काम शुरू करने की इजाज़त दी है.

जम्मू के खोले गए इन उद्योगों में से सब से अधिक दवाई के उत्पादन से जुड़े उद्योग हैं जो सरकार के इस कदम से खुश हैं. उनका दावा है कि इस कदम से न केवल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा बल्कि इससे ज़रूरी दवाइयों की मांग को भी पूरा किया जा सकेगा. हालांकि, खोले गए उद्योगों से जुड़े लोगो का दावा है कि अभी उन्हें कर्मचारियों के पास, सामन भेजने के लिए कूरियर सेवाओं के उपलब्ध न होने से उन्हें दिक्कत हो रही है.