जम्मू कश्मीर मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को भी जारी रहेगी सुनवाई

Supreme court to hear petitions on Article 370 in October

जम्मू कश्मीर को आर्टिकल 370 के तहत मिले विशेष राज्य का दर्ज़ा खत्म होने के बाद राज्य में जारी प्रतिबन्धों के मामले में आज पूरे दिन याचिकाकर्ताओं की ओर से वकील हुजेफ़ा अहमदी, दुष्यंत दवे और मीनाक्षी अरोड़ा ने दलीलें रखी. दुष्यंत दवे ने कहा -106 दिन से राज्य में प्रतिबंध जारी है. जम्मू कश्मीर के लोग भी बाकी देशवासियों की तरह भारतीय है. उनको उनके मौलिक अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता. दवे ने एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि करीब 10 हज़ार लोगों पर देशद्रोह लगाया है.

भारत एक पुलिस स्टेट में तब्दील होता जा रहा है. केंद्र सरकार राज्य के आतंकवाद की चपेट में रहने का हवाला देकर प्रतिबन्धों को सही नहीं ठहरा सकती. दवे ने हांगकांग का उदाहरण देते हुए कहा कि वहाँ हफ़्तो से विरोध प्रदर्शन चल रहा है, लेकिन कम्युनिस्ट देश होने के बावजूद वहाँ जम्मू कश्मीर की तरह पूरे प्रतिबंध नहीं लगाए गए.

वहाँ सिर्फ़ ये प्रतिबन्ध लगाया कि प्रदर्शनकारी मास्क नहीं पहनेंगे और इस प्रतिबंध को वहाँ के सुप्रीम कोर्ट ने निरस्त कर दिया. गुरुवार को याचिकाकर्ताओं की ओर से उठाई गई दलीलों का जवाब सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता देंगे.

जम्मू कश्मीर मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में कल भी सुनवाई जारी रहेगी. आज जम्मू-कश्मीर में कम्युनिकेशन और प्रेस पर रोक लगाए जाने का आरोप लगाते हुए याचिकाकर्ता की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दलील दी गई कि राज्य में 106 दिन से रिस्ट्रिक्शन लगे हुए हैं और सरकार ने अभी तक रिस्ट्रिक्शन को वापस नहीं लिया है.याचिकाकर्ता ने दलील दी कि क्या सरकार देशभर में इस तरह से 144 लगा सकती है.

सुप्रीम कोर्ट में याचिकाकर्ता अनुराधा भसीन और गुलाम नबी आजाद की ओर से अर्जी दाखिल कर रिस्ट्रिक्शन हटाने की मांग की गई है. जस्टिस एनवी रमना की अगुवाई वाली बेंच के सामने तब याचिकाकर्ता के वकील हुजेफा अहमदी ने देश में आपातकाल के दौरान राजनीतिक नेताओं की गिरफ्तारी पर सुप्रीम कोर्ट ने एडीएम जबलपुर केस में क्या टिप्पणी की थी इस पर दलील पेश की.

याचिकाकर्ता के वकील दुष्यंत दवे ने दलील दी कि इस तरफ (याचिाककर्ता) से जो भी पेश हो रहे हैं उन्हें देश की अखंडता के खिलाफ नहीं देखा जाना चाहए. इस मामले में अगली सुनवाई बुधवार को होगी और केंद्र सरकार की ओर से दलील पेश की जाएगी.