देश में कोरोना के 979 केस, लॉकडाउन की टेंशन भी दूर करेगी सरकार: स्वास्थ्य मंत्रालय

भारत में अब तक कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या 979 है। इस संक्रमण से देश में 25 लोगों की जान जा चुकी है। स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने रविवार शाम को बताया कि पिछले 24 घंटे में कोरोना संक्रमण के 106 नए केस सामने आए हैं और छह लोगों की मौत हुई है। लव अग्रवाल ने बताया कि जितने भी लोगों की मौत हुई है उनमें कॉर्डियक, हाई ब्लड प्रेशर, मधुमेह या किडनी की समस्या भी थी।
इस वक्त सरकार हाई रिस्क वाले इलाकों को चिन्हित कर रही है। राज्यों के सचिव से बात की गई है कि कोरोना के लिए जहां भी वार्ड बनाए गए हैं वहां दूसरे मरीजों से अलग रहने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इस वक्त भारत सरकार विदेशों से भी मास्क, वेंटिलेटर और अन्य जरूरी सामान मंगवाने के लिए काम कर रही है।

प्रधानमंत्री ने कोविड19 के लिए अलग फंड ‘केयर्स’ बनाई। पीएम मोदी ने देश में संक्रमण को रोकने के लिए आयुष मंत्रालय से भी बात की है। उन्होंने कहा है कि आयुष की पद्धित लंबे समय से समाज को स्वस्थ्य रखने में कारगर सााबित होते रहे हैं। पिछले पांच दिनों में रेलवे ने करीब 65 फीसदी माल ढुलाई जरूरी सामानों की की है।

लॉकडाउन से हो रही है मानसिक परेशानी तो यहां कॉल करें
स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि लॉकडाउन से कई लोगों को उलझन और मानसिक परेशानी हो रही है। कई लोगों को कोरोना संक्रमण के खतरे को लेकर भी दिमागी तौर से परेशानी हो रही है। ऐसे लोगों की समस्या को दूर करने के लिए बेंगलुरु स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ से मदद ली जा रही है। इसके लि हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है, जिसपर कॉल करके कोई भी दिमागी उलझन को दूर कर सकते हैं। ये नंबर हैं- 080 46110007 ।

लॉकडाउन में एक महीने का किराया माफ: गृह मंत्रालय
गृह मंत्रालय की प्रवक्ता ने कहा कि राज्यों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि शहरों में या राजमार्गों पर लोगों की आवाजाही नहीं हो। केवल सामान को लाने-ले जाने की अनुमति होनी चाहिए। अधिकारी ने बताया कि इन निर्देशों का पालन करवाने के लिए जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक की निजी तौर पर जिम्मेदारी बनती है। अधिकारी ने बताया कि प्रवासी कामगारों सहित जरूरतमंद और गरीब लोगों को खाना और आश्रय मुहैया कराने के लिए समुचित इंतजाम किए जाएंगे। देश के कुछ हिस्सों में प्रवासी कामगारों की आवाजाही हो रही है। निर्देश जारी किए गए हैं कि राज्यों और जिलों की सीमा को प्रभावी तरीके से सील करना चाहिए।

उन्होंने बताया कि राज्य और केंद्रशासित प्रदेशों के जिलों में तैनात अधिकारियों को आदेश है कि लॉकडाउन का उल्लंघन करने वालों को 14 दिनों तक क्वारंटीन (अलग-थलग) रखा जाए। इसके अलावा जो मजदूर एक जगह से दूसरे जगह के लिए चल चुके हैं उन्हें भी कम से कम 14 दिनों के लिए क्वारंटीन किया जाए।