साइबर जगत के खतरों से निपटने के लिए यह है भारत का बड़ा प्लान

पूर्वी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ लेफ्टिनेंटर जनरल एम एम नारावने ने मंगलवार को कहा कि भारत साइबर जगत में संभावित खतरों से निपटने के लिए एकीकृत रक्षा स्टाफ (आईडीएस) के तहत साइबर एजेंसी गठित कर रहा है.

नारावने ने कहा कि सशस्त्र बल साइबर खतरों से अवगत है. इन खतरों के कारण साइबर एजेंसी की आवश्यकता पैदा हो गई है जिसका गठन सभी तीनों सेवाओं- थल सेना, वायु सेना और नौसेना से प्रतिभाओं को एकजुट कर किया जाएगा.

‘यह अंतरसेवा एजेंसी होगी’ 
उन्होंने यहां सेना की पूर्वी कमान के मुख्यालय फोर्ट विलियम में सेना दिवस के दौरान कहा,‘यह केवल थलसेना की नहीं, बल्कि एक अंतरसेवा एजेंसी होगी जो आईडीएस के तहत काम करेगी और वे साइबर जगत में सभी खतरों से निपटेंगे.’ आईडीएस भारतीय सशस्त्र बलों की विभिन्न शाखाओं में समन्वय बनाए रखने और प्राथमिकता तय करने का काम करता है.

पूर्वी सेना कमांडर ने कहा, ‘इसका नेतृत्व ‘टू स्टार रैंक’ का कोई अधिकारी करेगा.’ नारावने ने कहा कि संपूर्ण प्रस्ताव निर्माण के अंतिम चरण में है.

साइबर एजेंसी की इकाइयां देशभर में फैली होंगी
उन्होंने कहा कि साइबर एजेंसी पूर्ण कमान नहीं होगी. इसकी इकाइयां देशभर में फैली होंगी. उन्होंने कहा, ‘साइबर सुरक्षा के पहलुओं से निपटने के लिए हर मुख्यालय में समर्पित अधिकारी या इकाइयां या सेल होंगे.’’

इससे पहले नारावने ने फोर्ट विलियम में विजय स्मारक पर माल्यार्पण किया और देश की रक्षा के लिए जान कुर्बान करने वाले बहादुर जवानों को श्रद्धांजलि दी. पूर्वी कमान के सभी सैन्य स्टेशनों में इसी प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए गए.

एक सैन्य अधिकारी ने बताया कि इस अवसर पर पूर्वी कमान की पांच इकाइयों को अनुकरणीय पेशेवर प्रदर्शन के लिए ‘चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ यूनिट साइटेशन’ से सम्मानित किया गया. अधिकारी ने कहा, ‘इसी प्रकार, पूर्वी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ ने 10 इकाइयों को ‘यूनिट एप्रीसिएशन’ से सम्मानित किया.’