देश को जल्द ही मिलने वाली है वाटर मेट्रो की सौगात, जानें प्रोजेक्ट से जुड़ी खास बातें

देश को जल्द ही वॉटर मेट्रो की सौगात मिलने वाली है. अब आप वॉटर मेट्रो का भी लुत्फ उठा सकेंगे. दिसंबर 2019 में यह सेवा शुरू हो सकती है. देश में पहली वॉटर मेट्रो चलाने की तैयारी कोच्चि में की जा रही है. कोच्चि मेट्रो रेल लिमिटेड इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है और जर्मन इसमें वित्तीय मदद कर रहा है.

यह प्रोजेक्ट नौकाओं पर आधारित है, जो 76 किलोमीटर की दूरी में 15 रास्तों से चलाई जाएंगी. केरल में कोच्चि मेट्रो रेल लिमिटेड अगले माह तक टेंडर जारी करेगा और सालभर में इस परियोजना को पूरा कर लिया जाएगा. इसकी लागत 819 करोड़ होगी. जर्मन सरकार का डेवलपमेंट बैंक KfW 582 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करेगा. हाल ही में जर्मनी के राजदूत प्रॉजेक्ट की प्रगति से बेहद खुश हैं. उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण का काम तेजी से शुरू हो गया है.

जर्मनी के मंत्री गुंथर एडलर ने हाल ही में कोच्चि मेट्रो रेल लिमिटेड के कोच्चि स्थित कॉर्पोरेट ऑफिस का दौरा किया था और शीर्ष अधिकारियों से चर्चा की थी. इन अधिकारियों में से कोच्चि स्मार्ट मिशन लिमिटेड और वॉटर मेट्रो के अधिकारी भी शामिल थे. यह दौरा भारत-जर्मनी द्विपक्षीय सहयोग का हिस्सा था. उच्च स्तर की प्रतिनिधि मंडल वार्ता में कोच्चि के दीर्घकालिक और पर्यावरण के अनुकूल विकास के लिए तकनीकी सहायता प्रदान करने पर भी विचार-विमर्श किया. यह दौरा वॉटर मेट्रो को लेकर था.

मेट्रो के लिए वॉटर स्टेशन बनेंगे  
इस खास मेट्रो के लिए वाटर स्टेशन बनेंगे. वहां तक पहुंचने के लिए सड़कें भी बनाई जाएंगी. पहले से बनी सड़कों को चौड़ा किया जाएगा. इससे द्वीपों पर रहने वाले करीब एक लाख लोगों को फायदा होगा. नौकाओं को चलाने के लिए रूट तैयार किए जाएंगे. दो तरह की नाव में यात्री सफर करेंगे. 4 कंपनियों को नाव बनाने का ठेका दिया जाएगा.

भूमि अधिग्रहण का काम शुरू
वॉटर मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए भूमि अधिग्रहण का काम तेजी से शुरू हो गया है. वर्तमान में योजना के अनुसार नावों को फाइबर रेनफोर्स्ड प्लास्टिक से बनाया जाएगा. ये नाव इको-फ्रेंडली होंगी और बैटरी से चलेंगी. कोच्चि मेट्रो रेल लिमिटेड के डायरेक्टर एपीएम मोहम्मद हैनिश के अनुसार, 819 करोड़ रुपए की लागत में मेट्रो एजेंसी एक एंटिग्रेटेड वॉटर ट्रांसपॉर्ट प्रॉजेक्ट शुरू कर रही है.