‘भारतीय वायुसेना ने PAK में घुसकर बम बरसाए’: दुनिया भर के मीडिया की बनी सुर्खियां

भारतीय वायुसेना के नियंत्रण रेखा (एलओसी) पार बालाकोट में आतंकी ठिकानों को नष्‍ट करने की खबर पूरी दुनिया की सुर्खियां बनी हैं. अमेरिकी अखबार द न्यूयॉर्क टाइम्स ने कहा कि 5 दशक बाद भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान में घुसकर किया हमला. ‘द वाशिंगटन पोस्‍ट’ ने कहा कि भारत ने पाकिस्‍तान में घुसकर आतंकी ठिकाने तबाह किए. इस कारण परमाणु क्षमता संपन्‍न दोनों देशों के बीच भारी तनाव उत्‍पन्‍न हो गया है. ‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ ने कहा कि भारत ने पाकिस्तान पर बमबारी कर पुलवामा हमले का बदला लिया.

चीन के अखबार ‘चाइना डेली’ ने कहा कि भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान में घुसकर बम बरसाए. इसी तरह रूस के रशिया टुडे ने कहा कि भारत ने पाकिस्तान में आतंकी अड्डों को बमबारी से तबाह किया. ब्रिटेन के अखबार द गार्जियन ने लिखा कि भारत ने आतंकी हमला रोकने के लिए पाकिस्तान पर बमबारी की. इसी तरह द ऑस्ट्रेलियन ने लिखा कि पाकिस्तान पर भारत की बमबारी के बाद दोनों देशों में तनाव बढ़ गया है.

उल्‍लेखनीय है कि भारत ने मंगलवार को पौ फटने से पहले बड़ी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सबसे बड़े शिविर को तबाह कर दिया जिसमें लगभग 350 आतंकवादी और उनके प्रशिक्षक मारे गए. पाकिस्तान ने पुलवामा आतंकी हमले के बाद इन आतंकवादियों को उनकी सुरक्षा के लिए इस शिविर में भेजा था. भारतीय वायुसेना का यह हमला अत्यंत त्वरित और सटीक था. सूत्रों ने कहा कि हमला किसी सैन्य ठिकाने पर नहीं, केवल आतंकी ठिकाने पर किया गया और इसे ‘‘हमलों को रोकने’’ के उद्देश्य से ‘‘ऐहतियात’’ के तौर पर अंजाम दिया गया. उन्होंने कहा कि यह ठिकाना जंगल में एक पहाड़ी पर स्थित था और पांच सितारा रिजॉर्ट शैली में बना था. इसके चलते यह ‘‘आसान निशाना’’ बन गया तथा आतंकवादियों को नींद में ही मौत के आगोश में सुला दिया गया.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमले के बाद अपनी पहली टिप्पणी में राजस्थान के चुरू में एक जनसभा में कहा, ‘‘मैं देश के लोगों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि देश सुरक्षित हाथों में है. देश से ऊपर कुछ भी नहीं है.’’ उन्होंने हालांकि हमले का सीधा जिक्र नहीं किया और न कोई ब्योरा दिया. ठोस खुफिया जानकारी के आधार पर भारतीय वायुसेना द्वारा किए गए हवाई हमलों का ब्योरा देते हुए विदेश सचिव विजय गोखले ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि ठोस खुफिया जानकारी मिली थी कि जैश-ए-मोहम्मद पुलवामा हमले के बाद भारत में अन्य आत्मघाती हमलों की योजना बना रहा है. बारह दिन पहले पुलवामा हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे.