कांग्रेस में इस्तीफे का दौर, ज्योतिरादित्य सिंधिया ने छोड़ा महासचिव पद

 लोकसभा चुनाव में कारारी शिकस्त के बाद कांग्रेस की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. पार्टी में बड़े नेताओं के बीच इस्तीफा देने की होड़ जैसी लग गई है. चुनाव परिणाम आने के बाद पहले तो पार्टी के किसी भी बड़े नेता ने इसकी जिम्मेदारी नहीं ली, लेकिन जब राहुल गांधी ने अध्यक्ष पद छोड़ दिया तो दूसरे नेताओं पर नैतिक दबाव बन गया है. इसके बाद से नेताओं का पार्टी में पद छोड़ने का सिलसिला शुरू हो चुका है. अब कांग्रेस के युवा चेहरे ज्योतिरादित्य सिंधिया ने महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया है. यहां आपको बता दें कि ज्योतिरादित्य खुद इस बार लोकसभा का चुनाव हार गए हैं.

राहुल गांधी के इस्तीफे के बाद कांग्रेस पार्टी में इस्तीफे का दौर जारी है. सिंधिया का इस्तीफा भी इसी कड़ी में है. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ पहले ही पीसीसी चीफ के पद से इस्तीफा दे चुके हैं.

दीपक बाबरिया, विवेक तन्खा सहित कई पदाधिकारी भी सभी पदों से इस्तीफा दे चुके हैं. हालांकि यह सभी इस्तीफे नए कांग्रेस अध्यक्ष के बनने के बाद ही स्वीकार होंगे. तब तक सभी पदों पर बने रहेंगे.

मोतीलाल वोरा हैं कार्यकारी अध्यक्ष
राहुल गांधी के इस्तीफे के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेता मोतीलाल वोरा को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है. राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव के चमत्कारी नतीजे के मुताबिक पार्टी की हार की जिम्मेदारी लेते हुए कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया है.

हरीश रावत का कांग्रेस महासचिव पद से इस्तीफा
कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ओर से लोकसभा चुनावों में पार्टी की हार की जिम्मेदारी लेते हुए अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के एक दिन बाद उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने पार्टी महासचिव के पद से इस्तीफा दे दिया. राहुल गांधी के इस्तीफा देने के बाद किसी महासचिव का यह पहला इस्तीफा है.

इससे पहले राहुल गांधी की बहन और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने अपने भाई की प्रशंसा करते हुए कहा था, ‘आपके जितना साहस बहुत कम लोगों में होता है. आपके निर्णय के प्रति पूरा सम्मान है.’ कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद राहुल के इस्तीफे को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा, ‘वे उनके नेता हैं और आगे भी रहेंगे.’