पाकिस्तान से आने वाला टिड्डी दल बना सिरदर्द, 35 हजार लोगों के हिस्से का अनाज पर खतरा

27 साल बाद एक बार फिर टिड्डियों ने देश पर बड़ा हमला बोला है. करोड़ों की संख्या में पाकिस्तान के रास्ते भारत में घुस रही टिड्डियां बड़ी मुसीबत बनी हुई हैं. मध्य प्रदेश के सतना में टिड्डियों के दल के खात्मे के लिए फायर ब्रिगेड की मदद से खेतों में और पेड़ों पर दवा का छिड़काव हो रहा है.

सतना में 80 लीटर कीटनाशक और 4 फायर बिग्रेड की गाड़ियों की मदद ली गई. काफी हद तक टिड्डी दल को मार भी गिराया गया. वहीं जबलपुर में किसान स्टील का कनस्तर बजा कर आवाज कर टिड्डियों को भगाते दिखे.

प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी
यूपी के हमीरपुर में किसानों की इस लहलहाती फसल पर टिड्डियों के हमले का खतरा है. आसमान में मंडराती इन लाखों टिड्डियों से फसलों को बचाना बड़ी चुनौती है. प्रशासन की तरफ से एडवाइजरी जारी कर दी गई है. टिड्डियों के हमले को लेकर सरकार भी हरकत में आ गई है. जालौन, बांदा, चित्रकूट, महोबा में भी अलर्ट जारी कर दिया गया है.

राजस्थान के प्रतापगढ़ और जयपुर में भी टिड्डी दल ने हमला किया है. प्रतापगढ़ में पहली बार आए टिड्डी दल को कुछ इस तरीके से भगाने की कोशिश की जा रही है. टिड्डी दल ने पीपलखूंट, धरियावद और छोटी सादडी इलाके के कई गांवों के किसानों को नुकसान पहुंचाया है.

35 हजार लोगों के हिस्सा का अनाज खाने का खतरा
प्रतापगढ़ में टिड्डी दल ने पहले कभी घुसपैठ नहीं की थी. इस बार की घुसपैठ से कृषि वैज्ञानिक भी हैरान हैं. राजस्थान में टिड्डी दल ने अब तक करीब 37 हजार हैक्टेयर से ज्यादा क्षेत्रफल में लगी फसल को नुकसान पहुंचाया है.

इस तरह से पश्चिम भारत के अलग-अलग राज्यों में टिड्डियों के हमले से 1 लाख 25 हजार एकड़ कृषि क्षेत्र को नुकसान पहुंचा है. 4 करोड़ टिड्डियों का दल 35 हजार लोगों के हिस्सा का अनाज खा सकता है. 1993 यानी 27 साल में टिड्डियों का भारत पर ये सबसे बड़ा हमला है. इसलिए पाकिस्तान से आने वाला टिड्डी दल भारत के लिए बड़ा सिरदर्द बन गया है.