लोकसभा चुनाव परिणाम आज, सुबह साढ़े 8 बजे आने लगेंगे ट्रेंड, आख‍िरी नतीजे आने में होगी देरी

नई दिल्‍ली: लोकसभा चुनाव 2019 (Lok Sabha elections 2019) की 543 में 542 सीटों पर चुनाव के लिये सात दौर की मतगणना के बाद गुरुवार को मतगणना की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. सभी लोकसभा सीटों के लिए बनाए गए मतगणना केन्द्रों सुबह 8 बजे से वोटों की गिनती शुरू हो जाएगी. लोकसभा चुनाव में पहली बार EVM के मतों का सत्यापन करने के लिये वीवीपीएटी की पर्चियों से मिलान किए जाने के कारण चुनाव परिणाम घोषित होने में थोड़ा विलंब होने की आशंका से चुनाव आयोग ने इंकार नहीं किया है.

माना जा रहा है कि पहला ट्रेंड साढ़े आठ तक आने लगेंगे. सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार प्रत्येक लोकसभा क्षेत्र में किसी एक विधानसभा क्षेत्र के किन्हीं पांच मतदान केन्द्रों की वीवीपीएटी मशीनों की पर्चियों का मिलान ईवीएम के मतों से किया जाएगा. इस बाध्यता का हवाला देते हुये आयोग के एक अधिकारी ने कहा कि देर शाम तक परिणाम आने की संभावना है.

 

सात चरण के मतदान के बाद 542 सीटों पर 8,000 से अधिक प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला 23 मई को मतगणना के बाद होगा। तमिलनाडु की वेल्लोर सीट पर गड़बड़ी की शिकायतों के बाद आयोग ने मतदान स्थगित कर दिया था. मतदान के बाद आए एक्जिट पोल के अधिकतर नतीजों में भाजपा की अगुवाई वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के फिर से सत्ता में आने की संभावना जताई गई है. हालांकि विपक्षी दलों ने एक्जिट पोल के नतीजों को खारिज करते हुये कांग्रेस सहित अन्य दलों की मौजूदगी वाले गठबंधन की सरकार बनने का दवा किया है.

लोकसभा चुनाव के लिये 11 अप्रैल से 19 मई तक सात चरणों में हुये मतदान में 90.99 करोड़ मतदाताओं में से करीब 67.11 प्रतिशत लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है. भारतीय संसदीय चुनाव में यह अब तक का सबसे अधिक मतदान है. चुनाव आयोग ने अभी तक गुरुवार को होने वाली मतगणना के केन्द्रों की संख्या उपलब्ध नहीं कराई है. प्रक्रिया के मुताबिक, सबसे पहले डाक मतपत्रों की गिनती की जाएगी.

ड्यूटी पर तैनात मतदाताओं (सर्विस वोटर) की संख्या करीब 18 लाख है. इनमें सशस्त्र बल, केन्द्रीय पुलिस बल और राज्य पुलिस बल के जवान शामिल हैं जो अपने संसदीय क्षेत्र से बाहर तैनात हैं. विदेश में भारतीय दूतावासों में पदस्थ राजनयिक और कर्मचारी भी सेवा मतदाता हैं. इन 18 लाख पंजीकृत मतदाताओं में से 16.49 लाख ने 17 मई को अपने अपने रिटर्निंग अधिकारियों को डाक मतपत्र भेज दिये थे.

चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि हाथों से डाक मतपत्रों को गिनने के कारण लगने वाले अतिरिक्त समय को बचाने के लिये डाक मतपत्रों और ईवीएम के मतों की गणना एक साथ की जाएगी. चुनाव मैदान में किस्मत आजमा रहे प्रमुख नेताओं में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा विभिन्न केंद्रीय मंत्री, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव सहित विभिन्न दलों के प्रमुख नेता शामिल हैं.