कांग्रेस घोषणा पत्र: गरीबों को सालाना 72 हजार रु, युवाओं को 22 लाख सरकारी नौकरियों का वादा

लोकसभा चुनाव 2019 के लिए कांग्रेस पार्टी मंगलवार को अपना चुनावी घोषणा पत्र जारी कर दिया. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अपनी पार्टी कई वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में इसे जारी किया.कांग्रेस के घोषणा पत्र का नाम हम निभाएंगे रखा है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि जब हमने इस घोषणा पत्र को बनाने की सोची तो हमने इस बात का खास ध्यान दिया कि इसमें जनता की मांगों को ज्यादा मात्रा में शामिल किया जाए. ये घोषणा पत्र हम कमरों में बैठकर भी बना सकते थे. लेकिन हमने ऐसा नहीं किया इसके लिए हम जनता की बीच गई उनकी मांगों को सुना. मैं घोषणा पत्र कमेटी का धन्यवाद देता हूं. चिदंबरम जी, एंटनी जी और मनमोहन सिंह जी का बहुत बहुत धन्यवाद.

न्याय योजना
सबसे पहला थीम है न्याय, हम पीएम मोदी के झूठ को पकड़ा और जनता की राय को जाना. गरीबी पर वार 72000 ये कांग्रेस का वादा भी है और नारा है. एक साल में 72 हजार और 5 साल में 3 लाख 60 हजार. इससे किसानों और गरीबों की जेब में सीधा पैसा जाएगा.

दूसरा थीम है, युवा और किसान
देश में युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है. 22 लाख पदों को 2020 तक कांग्रेस पार्टी भर देगी. तीन साल के लिए हिंदुस्तान के युवाओं को कोई बिजनेस खोलने के लिए किसी मंजूरी की जरूरत नहीं. मनरेगा में 150 दिन काम की गारंटी. 10 लाख युवाओं को ग्राम पंचायत में रोजगार होगा. अगर किसान कर्जा ना दे पाए तो वह क्रिमिनल नहीं सिविल ऑफेंस होगा.

शिक्षा और स्वास्थ्य
जीडीपी का 6 प्रतिशत पैसा हिंदुस्तान की शिक्षा पर खर्च किया जाएगा. नरेंद्र मोदी की सरकार ने इसे कम किया था. हम प्राइवेट इंशोरेंस पर भरोसा नहीं करेंगे, हम सरकारी हेल्थ सुविधा को मजबूत करेंगे.

बता दें कि पहले ही कांग्रेस की चुनावी घोषणा पत्र कमेटी के सदस्य भालचंद्र मुंगेकर ने कहा था कि केंद्र में कांग्रेस की सरकार बनते ही राफेल मामले में जांच के लिए कमेटी का गठन किया जाएगा. भालचंद्र मुंगेकर ने कहा था, ‘सत्ता में आते ही, पहले दिन ही हम राफेल मामले में जांच के लिए कदम उठाएंगे और हम इसे अपने घोषणा पत्र में भी शामिल करेंगे.’

बता दें कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी इससे पहले न्यूनतम आय योजना (न्याय) और स्वास्थ्य के अधिकार के साथ किसान की कर्ज माफी तथा दलितों एवं ओबोसी समुदायों के लिए कई प्रमुख वादे हो सकते हैं. इस मौके पर कांग्रेस की घोषणापत्र समिति के अध्यक्ष पी चिदंबरम और दूसरे वरिष्ठ नेताओं के मौजूद रहने की संभावना है.

ऐसा बताया जा रहा था कि घोषणा पत्र में ‘न्याय’ योजना के तहत गरीबों को 72,000 रुपये सालाना देने के वादे के साथ-साथ कुछ अन्य अहम वादों को भी जगह मिल सकती हैं. कांग्रेस अध्यक्ष ने कुछ दिनों पहले ऐलान किया था कि उनकी पार्टी सत्ता में आई तो गरीबी हटाने के लिए न्यूनतम आय योजना शुरू की जाएगी. इसके तहत देश के पांच करोड़ सबसे गरीब परिवारों को प्रति माह 6,000 रुपये दिए जाएंगे. इसके अलावा गांधी ने स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में बजट बढ़ाने का वादा किया है.

पार्टी इस बार किसानों के लिए कर्जमाफी की घोषणा करने के साथ ही स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश के मुताबिक, न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करने का वादा कर सकती है. कांग्रेस के अन्य वादों में सबके लिए स्वास्थ्य सेवा का अधिकार, अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़ा वर्ग के बेघर लोगों को जमीन का अधिकार, पदोन्नति में आरक्षण के लिए संविधान में संशोधन करना और महिला आरक्षण विधेयक को पारित करना आदि शामिल हैं.