केंद्र सरकार का बड़ा कदम: जिन घरों में बिजली कनेक्शन है, उन्हें नहीं मिलेगा केरोसिन

देश में केरोसिन पर मिल रही 4500 करोड़ रुपए से ज्यादा की सब्सिडी से निजात दिलाने के मकसद से केंद्र सरकार उन घरों में केरोसिन सप्लाई रोकने पर विचार कर रही है, जहां पहले ही बिजली कनेक्शन है। केंद्र सरकार ने अभी तक 6 करोड़ गरीब परिवारों को उज्जवला योजना के तहत एलपीजी कनेक्शन भी दिए हैं। अब इन सभी परिवारों को केरोसिन नहीं मिलेगी।

सरकार के पास पहले से ही डाटा तैयार है कि कितने घरों में राशन से केरोसिन की आपूर्ति होती है। अब जब देश के अधिकांश राज्यों के सभी घरों को बिजली कनेक्शन से जोड़ने का दावा किया जा रहा है तो इसके आधार पर जिन घरों तक बिजली गई है, उन्हें अब केरोसिन की आपूर्ति बंद कर दी जाएगी। सरकार गांव में घरों को रोशन करने के लिए केरोसिन उपलब्ध कराती है। लेकिन सरकार का दावा हे कि राजस्थान, असम, मेघालय समेत कुछ गिने चुने राज्यों को छोड़कर बाकी देश में हर घर तक बिजली पहुंच चुकी है। बचे हुए राज्यों में भी फरवरी, 2019 के पहले हफ्ते तक बिजली पहुंच जाएगी।

बंद हो जाएगी केरोसिन की डीलरशिप
दिल्ली, पंजाब, आंध्र प्रदेश, हरियाणा जैसे कई राज्य पहले से ही केरोसिन मुक्त हैं। अगले वित्त वर्ष से देश में तमाम राशन की दुकानों से केरोसिन बिक्री बंद हो जाएगी। इस वजह से केरोसिन डीलरों की दुकानों पर भी ताला लगेगा। अभी देश में तकरीबन 6500 केरोसिन डीलर हैं। केरोसिन मुक्त होने का एक बड़ा असर यह होगा कि इसे डीजल में मिलाकर बेचने का गोरखधंधा भी खत्म होगा। कुछ वर्ष पहले पेट्रोलियम मंत्रालय के एक अध्ययन से पता चला था कि 41 फीसदी केरोसिन का इस्तेमाल मिलावट के लिए किया जाता है।