अब मोबाइल के जरिए कोविड-19 मरीजों की होगी निगरानी, हद लांघने पर अपने आप जाएगा अलर्ट

कोरोना संक्रमण की रोकथाम और हदबंदी मुकम्मल करने के लिए सरकार ने मोबाइल फोन से पहरेदारी बढ़ाने की तैयारी कर ली है. टेलीकॉम सेवा प्रदाताओं के साथ मिलकर दूरसंचार विभाग और C-DOT ने एक ऐसे एप्लिकेशन को तैयार किया है जो क्वॉरन्टीन सीमा लांघने पर अपने आप ही सम्बंधित अधिकारियों का अलर्ट कर देगा.

कोविड क्वॉरन्टीन अलर्ट सिस्टम नाम का यह एप्लिकेशन खासतौर पर इस बात की निगरानी करेगा कि कोई भी कोरोना संक्रमित व्यक्ति कहीं निर्धारित सीमा से बाहर तो नहीं जा रहा. ऐसा करने पर यह सिस्टम अपने आप ही ईमेल और एसएमएस के जरिए सूचना भेज देगा. दूरसंचार मंत्रालय ने विभिन्न राज्यों को इस सिस्टम को अधिक से अधिक इस्तेमाल की सलाह दी है.

दूरसंचार विभाग ने गत 29 मार्च को विभिन्न टेलीकॉम सेवा प्रदाताओं के साथ कोविड क्वॉरन्टीन अलर्ट सिस्टम(CQAS) के स्टेंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर साझा किए थे. इस सिस्टम के जरिए आइसोलेशन या क्वॉरन्टीन में रखे गए किसी भी व्यक्ति की एक निश्चित दायरे में फोन के जरिए निगरानी हो सकती है. निगरानी का यह डेटा सुरक्षित रखा जा रहा है. भारतीय टेलीग्राफ कानून 1885 यह अधिकार देता है कि किसी आपदा या लोक सुरक्षा से जुड़ी स्थिति में सरकार चाहे तो किसी उपभोक्ता का फोन की जानकारियां सेवा प्रदाता से मांग सकती है.

इस नए सिस्टम के जरिए एक निर्धारित इलाके में मौजूद लोगों के जियो लोकेशन डेटा की निगरानी और जियो-फेंसिंग की जाएगी. हालांकि दूरसंचार विभाग ने साफ किया है कि इस डेटा का इस्तेमाल केवल स्वास्थ्य निगरानी कार्य के लिए ही किया जाएगा और निर्धारित समय सीमा के बाद उसे नष्ट कर दिया जाएगा.

गौरतलब है कि बीते कुछ दिनों के दौरान कई राज्यों से कोविड19 पॉजिटिव मरीजों के अस्पतालों और आइसोलेशन फैसेलिटीज से भाग जाने की खबरें आई थी. साथ ही लोग क्वॉरन्टीन प्रावधानों के उल्लंघन की भी कई शिकायतें दर्ज की गई थी. इसके मद्देनजर ही अधिक सख्त निगरानी कस प्रावधानों को लागू करने का फैसला किया गया है.