बड़ा खुलासा: पाकिस्तान ने भी की थी बालाकोट जैसे हमला करने की कोशिश मगर भारतीय सेना की मुस्तैदी देख बदला प्लान

जम्मू कश्मीर के पुलवामा आतंकी हमला के बाद भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर के कई ठिकानों पर हवाई हमला करके ध्वस्त कर दिया था. इस हमले के बाद पाकिस्तान के बारे में एक बड़ा खुलसा हुआ है. खबरों की माने तो इस हमले के बाद गुस्से में तिल मिलाकर पाकिस्तान दूसरे दिन भारत पर हमला करने की कोशिश की थी. लेकिन वह सफल नहीं हो सका.

समाचार एजेंसी के अनुसार पाकिस्‍तान की वायुसेना के विमानों नेभारतीय ठिकानों को निशाना बनाते हुए 11 एच-4 बम दागे थे, लेकिन सभी निशाने चूक गए. ये बम Mirage-lll से दागे गए थे. पाकिस्‍तान की वायुसेना ने भारतीय ठिकानों को निशाना बनाने के लिए F-16, JF-17 लड़ाकू विमानों का भी इस्‍तेमाल किया था. लेकिन कोई भी बम निशाने पर नहीं लगा. पाकिस्तानी वायुसेना के मिराज-IIIs विमानों से दागे गए H-4 बमों को ऐसा हथियार माना जाता है, जिसे दूर से दागा जा सकता है, ताकि दुश्मन सेना की जवाबी कार्रवाई की सूरत में लड़ाकू विमान तुरंत बचकर निकल सकें. ये बम बालाकोट पर हमले में भारतीय वायुसेना द्वारा इस्तेमाल किए स्पाइस 2000 बमों से मेल खाते हैं.

एएनआई ने सूत्रों के हवाले से यह भी बताया गया है कि ‘ये H-4 बम उतने सटीक नहीं थे और लक्ष्य भेदने में पूरी तरह नाकाम रहे.’ इसके साथ ही उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर में सेना के कैंप पर भी पाकिस्तानी वायुसेना ने बम बरसाए थे, लेकिन इमारत के पास लगे पेड़ों से टकराकर वह बम छिटक गए. वहीं सरकार ने जुड़े सूत्रों ने पाकिस्तान के बारे में बताया कि भारतीय जेट की चौकसी के कारण पाकिस्तानी वायुसेना का हमला नाकाम कर दिया गया. हमारे लड़ाकू विमानों की तत्परता के चलते पाकिस्तानी जेट्स ने हड़बड़ाहट में अपने बम गिरा दिए, जो निशाने से काफी दूर रहे.

पुलवामा हमले में 40 जवान हुए थे शहीद

बता दें कि जम्मू – कश्मीर के पुलवामा में 14 फरवरी को सीआरपीएफ के जवानों पर जैश- ए- मोहम्मद द्वारा करवाए गए आत्मघाती हमले में सेना के 40 जवान शहीद हुए थे. शहीद सेना के जवानों के शहादत का बदला लेने के लिए भारतीय वायुसेना ने बालाकोट पर हमला करके जैश- ए- मोहम्मद सरगना मसूद अजहर के कई ठिकानों को धवस्त कर दिया था.