पीएम नरेंद्र मोदी बोले, 70 सालों में हमने दिए हैं बाबासाहेब आंबेडकर के सवालों के जवाब

पीएम नरेंद्र मोदी ने संविधान दिवस के 70 साल पूरे होने के मौके पर कहा कि हमें अपने अधिकारों के साथ ही कर्तव्यों का भी ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर ने 25 नवंबर, 1949 को अपने आखिरी भाषण में देश को याद दिलाया था कि भारत पहली बार आजाद नहीं हुआ है, न ही पहली बार गणतंत्र बना है। पीएम मोदी ने आंबेडकर का हवाला देते हुए कहा कि हमने अपनी ही गलतियों से अतीत में आजादी भी खोई है और गणतंत्र का दर्जा भी खोया है। उन्होंने चेताते हुए पूछा था कि हमें आजादी मिल गई है, लेकिन इसे अक्षुण्ण रखने के लिए ध्यान रखना होगा। पीएम मोदी ने कहा कि बीते 70 सालों में हम सभी ने बाबा साहेब आंबेडकर के सवालों का न सिर्फ जवाब दिया है बल्कि आजादी और लोकतंत्र को सशक्त भी किया है।

पीएम मोदी ने कहा, ‘हमने 26 नवंबर को संविधान को अंगीकार किया था। आज का यह दर्द भी पहुंचाता है, जब हजारों साल की पुरानी संस्कृति और वसुधैव कुटुंबकम के साथ जीने वाली सभ्यता को आतंकियों ने छलनी करने का प्रयास किया। मैं उन सभी हुतात्माओं को नमन करता हूं। पीएम मोदी ने कहा कि 7 दशक पहले इसी सेंट्रल हॉल में संविधान के एक-एक अनुच्छेद पर गहन बात हुई। सपनों, संकल्पों, आशाओं, आस्था और विश्वास पर चर्चा हुई। यहां भारत के हर कोने के सपनों को शब्दों में मढ़ने का प्रयास हुआ।

केंद्रीय मंत्रियों और सांसदों से आह्वान करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि हमारी कोशिश होनी चाहिए कि हम अपने कार्यक्रमों में कर्तव्यों की बात करें। हमारा संविधान हम भारत के लोग से शुरू होता है। पीएम मोदी ने कहा कि संविधान हमारे लिए सबसे बड़ा ग्रंथ है। इसमें तमाम चीजों का समावेश है और जटिल स्थितियों का समाधान भी है।

नागरिक के सम्मान और भारत की एकता को अक्षुण्ण रखने का काम संविधान ने किया है। हमारा संविधान अधिकारों के प्रति सजग और कर्तव्यों की भी याद दिलाता है। देश में हर वर्ग के समान विकास की बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि एक बड़े वर्ग को अधिकारों से वंचित रखा गया था। आज समय की मांग है कि जब हमें अधिकारों के साथ ही हमें अपने कर्तव्यों और दायित्वों पर भी मंथन करना ही होगा। अधिकारों और कर्तव्यों के बीच एक अटूट रिश्ता है।

इस मौके पर पीएम मोदी ने महात्मा गांधी को याद करते हुए कहा कि वह हमेशा अधिकारों से पहले कर्तव्यों की बात करते थे। उन्होंने कहा, ‘महात्मा गांधी कहते थे कि मैंने अपनी अनपढ़ और समझदार मां से सीखा है कि सभी अधिकार द्वारा सच्ची निष्ठा से निभाए गए कर्तव्यों से ही आते हैं। महात्मा गांधी ने कहा था कि कर्तव्यों में ही अधिकारों की रक्षा है।’

पीएम मोदी बोले, कर्तव्य और सेवा में है अंतर
पीएम मोदी ने कहा कि कर्तव्य और सेवा में अंतर है। यदि मैं ट्रैफिक नियमों का पालन करूं तो यह कर्तव्य है और यदि किसी घायल को अस्पताल पहुंचाऊं तो यह सेवा है। एक नागिरक जब अपने बच्चे को स्कूल भेजता है तो मां-बाप का कर्तव्य निभाते हैं, लेकिन जब वे अपनी मातृभाषा सिखाते हैं तो वह नागरिक कर्तव्य निभाते हैं।