सोमनाथ मंदिर की तर्ज पर बनेगा ट्रस्ट, जानिए कब शुरू होगा राम मंदिर निर्माण

अयोध्या (Ayodhya) में राम मंदिर (Ram Mandir) के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट की ओर से फैसला देने के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सूत्रों का कहना है कि अगले साल 2020 से निर्माण शुरू हो जाएगा. इसके लिए शुभ घड़ी (मुहूर्त) देखी जाएगी. इस समय जिस जगह चबूतरे पर रामलला विराजमान हैं, वहीं बनने जा रहे मंदिर का गर्भगृह होगा.

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक ट्रस्ट के जरिए अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण होना है. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से तीन महीने के भीतर ट्रस्ट गठित करने को कहा है. अब इस ट्रस्ट में शामिल होने वाले चेहरों को लेकर सभी की निगाहें टिकीं हैं.

सूत्र बता रहे हैं कि जिस तरह से 1951 में गुजरात में बकायदा धार्मिक चैरिटेबल ट्रस्ट बनाकर सोमनाथ मंदिर का निर्माण किया गया, उसी तरह से राम मंदिर बनाने के लिए भी ट्रस्ट गठित होगा. इस ट्रस्ट में सरकारी प्रतिनिधि और राम मंदिर आंदोलन से जुड़े रहे संघ परिवार के संगठनों के लोग शामिल हो सकते हैं.

अयोध्या विवाद मामले में 70 सालों तक चली कानूनी लड़ाई और सुप्रीम कोर्ट में 40 दिनों तक लगातार चली सुनवाई के बाद शनिवार को ऐतिहासिक फैसला आ गया. फैसला विवादित जमीन पर रामलला के हक में सुनाया गया. फैसले में कहा गया कि राम मंदिर विवादित स्थल पर बनेगा और मस्जिद निर्माण के लिए अयोध्या में पांच एकड़ जमीन अलग से दी जाएगी. अदालत ने कहा कि विवादित 02.77 एकड़ जमीन केंद्र सरकार के अधीन रहेगी. केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार को मंदिर बनाने के लिए तीन महीने में एक ट्रस्ट बनाने का निर्देश दिया गया है. राजनीतिक रूप से संवेदनशील राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद पर सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की संविधान पीठ ने निर्मोही अखाड़ा और शिया वक्फ बोर्ड के दावों को खारिज कर दिया, लेकिन साथ ही कहा कि निर्मोही अखाड़े को ट्रस्ट में जगह दी जाएगी.