बिहार में बड़ा रेल हादसा, सीमांचल एक्‍सप्रेस के 9 डिब्‍बे पटरी से उतरे, 6 की मौत, बचाव कार्य जारी

बिहार में रविवार सुबह बड़ा रेल हादसा हुआ है. यहां के हाजीपुर में जोगबनी से आनंद विहार आ रही 12487 सीमांचल एक्‍सप्रेस के 9 डिब्‍बे पटरी से उतर गए हैं. इस हादसे में अब तक 6 लोगों की मौत हो चुकी है. पूर्व मध्‍य रेलवे के सीपीआरओ राजेश कुमार ने हादसे में 6 लोगों की मौत की पुष्टि की है. दावा किया जा रहा है कि सभी बोगियों में फंसे यात्रियों को निकाल लिया गया है और इलाज के लिए भेजा जा रहा है. हालांकि मौके पर राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है. वहीं हादसे की जांच सीआरएस पूर्वी मंडल लतीफ खान को सौंपी गई है.

हादसे पर रेल मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा है कि रेल मंत्री पीयूष गोयल लगातार रेलवे बोर्ड मेंबरों और पूर्वी मध्‍य रेलवे के जीएम के संपर्क में हैं. उन्‍होंने हादसे में जान गंवाने वाले यात्रियों के संबंध में दुख जताया है और घायलों के जल्‍द स्‍वस्‍थ होने की कामना की है. घटनास्‍थल पर एनडीआरएफ और अन्‍य बचाव दल पहुंच गए हैं. साथ ही रेलवे के बड़े अफसर और पुलिस-प्रशासन भी मौके पर पहुंच चुका है. अभी हादसे के कारणों का पता नहीं चल पाया है. लेकिन सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है ट्रेन के दो डिब्‍बों को जोड़ने वाले कुंडों को फिट करने में लापरवाही हुई है. जिससे कि यह हादसा हुआ है.

वहीं एडिशनल डायरेक्‍टर जनरल पीआर (रेल) स्मिता वत्‍स शर्मा का कहना है ‘मौजूदा समय में हम राहत और बचाव कार्य पर पूरा ध्‍यान दे रहे हैं. रेलवे एक्‍सीडेंट मेडिकल वैन भी डॉक्‍टरों के साथ मौके पर मौजूद है. एनडीआरएफ की भी दो टीमें मौके पर राहत कार्य में जुटी हैं.’

यह हादसा हाजीपुर-शाहपुर पटोरी रेल खंड पर सहदेई बुजुर्ग स्टेशन के पास अल सुबह करीब 3:58 बजे हुआ है. ट्रेन जोगबनी से आनंद विहार आ रही थी. 9 कोच पटरी से उतरे हैं. सीमांचल एक्सप्रेस के तीन डिब्बे पूरी तरह से पलट गए हैं.

सोनपुर रेल मंडल के अधिकारी और 6 मेडिकल टीमें भी घटनास्‍थल पर पहुंची हैं. ट्रेन की जो बोगियां पटरी से उतरी हैं, उनमें एस8, एस9, एस10 और एससी कोच बी3 शामिल हैं. बताया जा रहा है कि घटना के तुरंत बाद स्‍थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर राहत बचाव कार्य शुरू किया.

फोटो ANI

बोगियों से कुछ यात्रियों को बाहर निकाल लिया गया है. बता दें कि यह हादसा सुबह ऐसे समय हुआ है जब रेल यात्री नींद में थे. अचानक हादसा होने के कारण किसी को संभलने का मौका भी नहीं मिला.