शिवसेना ने किया कश्मीर में परिसीमन का समर्थन, हिंदू मुख्यमंत्री बनाने की मांग

अमित शाह के गृहमंत्री बनने के बाद से ही जम्मू-कश्मीर को लेकर राजनीतिक हलचल बढ़ रही है. जम्मू-कश्मीर में परिसीमन को लेकर चली चर्चा के बीच शिवसेना ने इसका समर्थन किया है. शिवसेना ने अपने अखबार सामना में लिखा है कि अगर जम्मू-कश्मीर में नया मुख्यमंत्री एक हिंदू बनता है, वहां पर कश्मीरी पंडितों की वापसी होती है तो देश के लिए अच्छी खबर होगी.

सामना के लेख के अनुसार, अमित शाह की सोच किसी से छिपी नहीं है. उन्होंने पश्चिम बंगाल में भी जय श्री राम के नारे लगाए. अब अगर कश्मीर के राजनीतिक नक्शे में बदलाव की बात आती है तो ये मामला भी पूरी तरह से साफ है. हालांकि, राज्य सरकार ने ऐसा करने पर 2026 तक रोक लगाई है लेकिन केंद्र सरकार फैसला पलटती है तो बढ़िया होगा.

शिवसेना ने भरोसा जताया है कि अमित शाह की अगुवाई में कश्मीर का नक्शा जरूर बदलेगा. इसमें लिखा गया है कि अभी जम्मू में 37, कश्मीर में 46 और लद्दाख में 4 सीटें हैं लेकिन जम्मू का एरिया ज्यादा है. ऐसे में वहां पर परिसीमन कर सीटों की संख्या भी बढ़ानी चाहिए. वहां पर पहले सीटों को इस हिसाब से रखा गया ताकि कोई हिंदू मुख्यमंत्री ना बन सके.

सामना के अनुसार पहले तो कश्मीर के राजा हरि सिंह ही थे, लेकिन आज़ादी के बाद कोई भी हिंदू मुख्यमंत्री नहीं बन पाया है. मुस्लिमों को कश्मीर एक तोहफे में नहीं दिया गया था.

आपको बता दें कि बीते दिनों ऐसी खबरें आई थी कि गृह मंत्रालय की ओर से परिसीमन को लेकर चर्चाएं की जा रही हैं. अमित शाह ने हाल ही में जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक के अलावा कई सुरक्षा एजेंसियों से बात की थी. हालांकि, बाद में गृह मंत्रालय की तरफ से इसका खंडन किया गया और बताया गया कि परिसीमन पर कोई भी चर्चा नहीं हुई है.