दिल्ली हिंसा प्रभावित इलाकों में 7000 अर्द्धसैनिक बलों के जवान तैनात, 36 घंटों में कोई बड़ी घटना नहीं : गृह मंत्रालय

नागरिकता संशोधन कानून को लेकर उत्तर-पूर्वी दिल्ली में रविवार से हुई हिंसा के बाद हालात पर नियंत्रण पाने के लिए केंद्र सरकार की तरफ से अर्ध्दसैनिक बलों की 70 कंपनियां तैनात कर दी गई हैं। प्रत्येक कंपनी में 100 जवान शामिल हैं। इस हिंसा के चलते एक पुलिसकर्मी सहित अब तक 38 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने गुरुवार रात एक बयान जारी कर यह जानकारी दी।

वहीं, दिल्ली पुलिस का भी कहना है कि अब तक 514 लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है और जांच आगे बढ़ने पर यह संख्या और बढ़ेगी।

बयान में यह भी कहा गया है कि गृह मंत्री अमित शाह हालात की समीक्षा कर रहे हैं। इसको लेकर गुरुवार शाम को हुई बैठक में केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला और दिल्ली पुलिस कमिश्नर अमूल्य पटनायक भी मौजूद रहे, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल के बारे में कुछ नहीं बताया गया।

डोभाल ने बीते 48 घंटों में दो बार हिंसा प्रभावित इलाकों का दौरा कर शांति बहाली के लिए स्थानीय लोगों से चर्चा की थी।

गृह मंत्रालय के बयान में आगे कहा गया है कि दिल्ली के कुल 203 थानों में से 12 थाना का 4.2 प्रतिशत भौगोलिक क्षेत्र इस हिंसा से प्रभावित हुआ है, लेकिन अब शांति बनी हुई है और बीते 36 घंटों में कहीं पर भी कोई बड़ी घटना दर्ज नहीं हुई है।