सोनिया के पांच सवाल, पूछा- रविवार से गृहमंत्री शाह और केजरीवाल कहां थे, क्या कर रहे थे?

दिल्ली हिंसा को लेकर कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भाजपा सरकार और आम आदमी पार्टी पर निशाना साधा है। सोनिया गांधी ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि दिल्ली हिंसा एक सोचा-समझा षडयंत्र है। यह हमने दिल्ली चुनाव के दौरान भी देखा था। केंद्रीय नेतृत्व और दिल्ली सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए सोनिया गांधी ने पांच सवाल पूछे हैं।
अमित शाह के इस्तीफे की मांग
सोनिया गांधी ने गृहमंत्री अमित शाह से दिल्ली हिंसा पर देरी से कार्रवाई करने को लेकर इस्तीफा मांगा है। सोनिया कहा कि दिल्ली पुलिस पिछले 72 घंटों से निष्क्रिय है, 20 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, जिसमें एक हेड कांस्टेबल भी शामिल है। सोनिया ने कहा, ‘दिल्ली में हो रही हिंसा और जानमाल नुकसान के बाद स्थिति पर चर्चा के लिए बैठक हुई। यह एक सोचा-समझा षड्यंत्र है। भाजपा के कई नेताओं ने भड़काऊ बयान देकर नफरत और भय का माहौल पैदा किया।’ सोनिया ने कहा कि मौजूदा स्थिति के लिए केंद्र सरकार और खासकर गृह मंत्री जिम्मेदार हैं तथा उन्हें तत्काल इस्तीफा देने चाहिए।
बिना नाम लिए कपिल मिश्रा पर निशाना
सोनिया गांधी ने कहा कि दिल्ली हिंसा पर सीडब्ल्यूसी की आपात बैठक हुई, हिंसा और दुखद घटनाओं के पीछे साजिश है। दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान भी साजिश देखी गई, भाजपा नेताओं ने भड़काऊ भाषण देकर भय का माहौल बनाया।
दिल्ली सरकार जिम्मेदार
उन्होंने यह दावा भी किया कि दिल्ली सरकार भी अपनी भूमिका निभाने में विफल रही। कांग्रेस प्रमुख ने कहा ‘दिल्ली सरकार और मुख्यमंत्री भी शांति बनाए रखने में नाकाम रहे। सीडब्ल्यूसी का मानना है कि स्थिति गंभीर है और तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता है।’ सोनिया ने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री को प्रभावित इलाकों में जाना चाहिए और लोगों के साथ लगातार संवाद करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त बल तैनात किया जाना चाहिए तथा मोहल्लों में शांति समितियों का गठन किया जाना चाहिए। इस संवाददाता सम्मेलन में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पार्टी के वरिष्ठ नेता मौजूद थे। इससे पहले, सीडब्ल्यूसी की बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, वरिष्ठ नेता एके एंटनी, केसी वेणुगोपाल और कई अन्य नेता शामिल हुए।