आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा ने फैज़ाबाद-गोरखपुर में बनाया बेस, आतंकी हमले की साजिशः खुफिया एजेंसी

ख़ुफ़िया एजेंसियों ने गृह मंत्रालय को भेजे रिपोर्ट में कहा है कि पाकिस्तान के इशारे पर आतंकी गुट लश्कर ए तैयबा फैज़ाबाद और गोरखपुर में अपना बेस बना रहा है और नेपाल और उत्तर प्रदेश से सटे तराई के इलाकों में उसने अपनी गतिवधिया बढ़ा दी हैं .रिपोर्ट के मुताबिक गोरखपुर और फैज़ाबाद से वो अपने आतंकी संघटन में लोगों को भर्ती करने की साज़िश में लगा हुआ है और इसके लिए उसने एक लश्कर आतंकी मोहम्मद उमर मदनी को अपने नेटवर्क को मजबूत करने की जिम्मेदारी भी दी है

ज़ी न्यूज़ को मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक उमर मदनी ने नेपाल के कपिलवस्तु में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है जिससे वो यहां बैठ कर लोगों को अपने ग्रुप से जोड़ सके और भारतीय सुरक्षा एजेंसीज़ की नज़र से भी बच सके. गृह मंत्रालय को मिली रिपोर्ट के मुताबिक उमर मदनी ने इस साल मार्च में कोलकाता भी गया था और वो पिछले कुछ दिनों में बिहार के दरभंगा में कई बार जा चुका है .लश्कर की नज़र मदरसा में पढ़ने वाले मुस्लिम युवकों पर है जिससे वो इन युवकों को बहला फुसला कर अपने ग्रुप से जोड़ सके.

केंद्रीय सुरक्षा में तैनात के अधिकारी के मुताबिक पिछले कई महीनो से लश्कर अपना नेटवर्क उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में मजबूत करना चाहता है. उमर मदनी को लश्कर ने टास्क दिया हुआ है कि वो गोरखपुर ,फैज़ाबाद और दरभंगा के युवकों को भर्ती कर ज़कात के बहाने पाकिस्तान भेजे और  उसके बाद पाकिस्तान में बने टेरर कैम्पस में इन्हे आतंकी हमले की ट्रेनिंग दी जाएगी जिसके बाद इन्हें वापस भारत भेजा जायेगा और जरुरत पड़ने पर इनका
इस्तेमाल आतंकी हमले के लिए किया जायेगा.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर से है और फैज़ाबाद धार्मिक लिहाज़ से काफी संवेनदशील इलाका है ऐसे में लश्कर पिछले कई महीनों से अपने नेटवर्क को इन इलाकों में मजबूत कर रहा है .जिससे वो बड़ी वारदात कर सके पिछले साल यूपी पुलिस की एटीएस ने ऐसे ही लश्कर के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया था और इस मामले में कईयो को  गिरफ्तार किया था .

गृह मंत्रालय  से जुड़े सुरक्षा से जुड़े एक और अधिकारी के मुताबिक हमारी एजेंसीज़ ये पता  कर रही है कि उमर मदनी के संपर्क में कितने लोग है और उसने अब तक कितने मदरसों का दौरा किया है  और अब तक कितने युवकों को पाकिस्तान भेजा गया है. पिछले साल राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (एनआईए ) ने ऐसे ही लश्कर के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया था और दिल्ली और पलवल से कई हवाला नेटवर्क ऑपरेटर्स के साथ साथ एक लश्कर के एक ऑपरेटिव को भी गिरफ्तार किया था.