अब कारें होंगी ज्यादा सुरक्षित, जुड़ेंगे कई सेफ्टी फीचर्स

सड़कों पर इंटेलिजेंट ट्रैफिक सिस्टम लाने के साथ साथ सरकार आपकी गाड़ियों को भी इंटेलिजेंट और ज्यादा सुरक्षित बनाने का प्रयास कर रही है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, साल 2017 में सड़क दुघर्टनाओं में 26,869 कार सवार लोगों की मौत हुई है. इसी को ध्यान में रखते हुए बीते कुछ समय से सड़क परिवहन मंत्रालय ने एयर बैग्स जैसे सेफ्टी फीचर्स को अनिवार्य बनाने के लिए कई कदम उठा चुकी है. इसी कड़ी में साल 2019 देश के लिए ‘सेफ व्हीकल ईयर’ यानी सुरक्षित गाड़ियों का साल होगा, क्योंकि इस साल कारों में कई सेफ्टी फीचर्स अनिवार्य हो जाएंगे.

 

आपको बता दें कि सेफ्टी फीचर्स जैसे- सीट बेल्ट अलर्ट, रिवर्स पार्किंग सेंसर और स्पीड अलर्ट जैसे फीचर्स अब आने वाले समय में अनिवार्य हो जायेंगे. इसके अलावा सभी कारों को फ्रंट, साइड और लेट्रल क्रैश टेस्ट पास करना भी जरूरी होगा. यानि हमारे देश में अब सड़कों पर गाड़ियो के उतरने से पहले ही देसी और विदेशी कम्पनियो को  इन टेस्ट्स को पास करना होगा.

कब से कौन-कौन से फीचर्स जरूरी कब से लागू
1. ABS (टू-वीलर्स, कार और मिनी बसों में जरूरी) अप्रैल 2018 (नए मॉडल्स)

अप्रैल 2019 (मौजूदा मॉडल्स)

2. कारों के लिए क्रैश टेस्ट अक्टूबर 2017 (नए मॉडल्स)

अक्टूबर 2019 (मौजूदा मॉडल्स)

3. पैदल चलने वालों और सड़क का इस्तेमाल करने वाले अन्य लोगों की सुरक्षा के लिए कारों में फीचर्स अक्टूबर 2018 (नए मॉडल्स)

अक्टूबर 2020 (मौजूदा मॉडल्स)

4. कारों में सीट बेल्ट अलर्ट, स्पीड अलर्ट, एयरबैग और रिवर्स पार्किंग सेंसर जुलाई 2019 (सभी मॉडल्स)
5. कारों में इलेक्ट्रॉनिक स्टैबिलिटी कंट्रोल (ESC) और ऑटोमैटिक ब्रेकिंग अप्रैल 2023
6. थ्री-वीलर्स में ड्राइवर के लिए सीटबेल्ट और साइड डोर दिसंबर 2020

अभी छोटे और बड़े वेरिएंट की गाड़ियां यानि सस्ती गाड़ियों और महंगी गाड़ियों के सेफ्टी फीचर्स में जमीन-आसमान का अंतर होता था. पर अब सरकार सड़क पर उतरने वाली सभी गाड़ियों के लिए सुरक्षा सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है. साल 2023 तक भारत में कारों में इलेक्ट्रॉनिक स्टैबिलिटी कंट्रोल और ऑटोमैटिक ब्रेकिंग सिस्टम जैसे सेफ्टी फीचर्स भी अनिवार्य हो जाएंगे. इससे भारत कार सेफ्टी फीचर्स के मामले में यूरोप के भी कई देशों को पीछे छोड़ देगा.