तीन तलाक बिल की असली परीक्षा राज्‍यसभा में सोमवार को, कांग्रेस ने दी खुली धमकी

कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने यहां शनिवार को कहा कि उनकी पार्टी तीन तलाक (तलाक ए बिद्दत) विधेयक को इसके मौजूदा रूप में राज्यसभा में पारित नहीं होने देगी. वेणुगोपाल ने यहां संवाददाताओं से कहा कि कांग्रेस अन्य दलों को साथ लेकर विधेयक को इसके मौजूदा रूप में पारित नहीं होने देगी. उन्होंने कहा कि लोकसभा में जब यह विधेयक पेश किया गया था तब 10 विपक्षी दल इसके खिलाफ खुल कर सामने आए थे.

कांग्रेस नेता ने कहा कि यहां तक कि अन्नाद्रमुक और तृणमूल कांग्रेस ने भी इस विधेयक का खुल कर विरोध किया है. उल्लेखनीय है कि अन्नाद्रमुक ने विभिन्न मुद्दों पर सरकार का समर्थन किया है. उन्होंने कहा कि यह विधेयक महिलाओं को सशक्त करने में मदद नहीं करेगा. गौरतलब है कि गुरुवार को लोकसभा में यह विधेयक पारित हुआ था. अगले हफ्ते राज्यसभा द्वारा इस पर विचार किए जाने की उम्मीद है. उन्होंने यह भी कहा कि इस विधेयक को लेकर कांग्रेस नीत संप्रग या केरल में पार्टी नीत यूडीएफ में कोई भ्रम नहीं है.

सरकार इस ब‍िल को सोमवार 31 द‍िसंबर को राज्‍यसभा में लेकर आएगी. लोकसभा में ब‍िल पास हो चुका है, लेक‍िन राज्‍यसभा में उसके पास बहुमत नहीं है. ऐसे में दूसरे दलों पर सरकार को न‍िर्भर रहना होगा. लेक‍िन अगर दूसरे दल सरकार का समर्थन नहीं करते हैं, तो उसे ये ब‍िल पास कराना कतई आसान नहीं होगा.

बता दें कि गुरुवार को मुस्लिम समाज में एक बार में तीन तलाक (तलाक-ए-बिद्दत) पर रोक लगाने के उद्देश्य से लाए गए ‘मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक’ को लोकसभा की मंजूरी मिल गई. विधेयक में सजा के प्रावधान का कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों ने कड़ा विरोध किया और इसे संयुक्त प्रवर समिति में भेजने की मांग की.

हालांकि सरकार ने स्पष्ट कि यह विधेयक किसी को निशाना बनाने के लिए नहीं बल्कि मुस्लिम महिलाओं को न्याय दिलाने के लाया गया है. सदन ने एनके प्रेमचंद्रन के सांविधिक संकल्प एवं कुछ सदस्यों के संशोधनों को नामंजूर करते हुए महिला विवाह अधिकार संरक्षण विधेयक 2018 को मंजूरी दे दी. विधेयक पर मत विभाजन के दौरान इसके पक्ष में 245 वोट और विपक्ष में 11 मत पड़े.