दिल्‍ली-अमरोहा ISIS मॉड्यूल केस में NIA ने 10 आरोपियों के खिलाफ दाखिल की चार्जशीट

 दिल्‍ली-अमरोहा आईएसआईएस मॉड्यूल केस मामले मेंनेशनल इनवेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने दस आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है. एनआईए ने जिन दस आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है, उसमें मुफ्ती मोहम्मद, अनस यूनुस, ज़ुबैर मलिक, राशिद ज़फ़र, मोहम्‍मद साकिब,  एमडी अबर, सईद, एमडी गुफरान, मोहम्‍मद फैज और मोहम्‍मद नईम शामिल हैं.

एनआईए के वरिष्‍ठ अधिकारी के अनुसार, एजेंसी को सूचना मिली थी कि मुफ्ती सुहैल ने आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए कुछ युवकों के साथ मिलकर आईएसआईएस मॉड्यूल का गठन किया है. मुफ्ती अपने साथियों के साथ मिलकर हथियारों और विस्फोटकों एकत्रित कर रहा है. जिससे वह बड़ी आतंकी वारादात को अंजाम दे सके. इस सूचना के आधार पर एनआईए ने मुफ्ती सुहैल सहित अन्य के खिलाफ 20.12.2018 को मामला दर्ज किया था.

एनआईए की जांच में पता चला कि आरोपियों ने इस मॉड्यूल को हरकत-उल-हरब-ए-इस्लाम (युद्ध के लिए आंदोलन) का नाम दिया था. आरोपी आईएसआईएस के प्रेरित होकर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और उसके आसपास इलाकों में बड़े पैमाने पर आतंकवादी हमलों को अंजाम देने की साजिश रच रहे थे. इन वारदातों के जरिए आरोपी भारत में आईएसआईएस की उपस्थिति दर्ज कराना चाहते थे. वारदात को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने एनसीआर और उसके आसपास के कुछ स्‍थानों की रेकी भी की थी.

एनआईए के वरिष्‍ठ अधिकारी ने बताया कि जांच में सामने आए तथ्‍यों के बाद एजेंसी ने 26 दिसंबर 2018 को दिल्‍ली और उत्‍तर प्रदेश के करीब 17 ठिकानों में छापेमारी की थी. छापेमारी के दौरान एनआईए की टीम ने 12 पिस्तौल, 163 मिश्रित गोला-बारूद, एक इंप्रूव्ड मिसाइल लॉन्चर, 98 मोबाइल डिवाइस, 25 किलोग्राम विस्फोटक रसायन, हार्डवेयर और इलेक्ट्रॉनिक सामग्री बरामद किए थे. छापेमारी के दौरान एनआईए ने आईईडी बनाने के लिए 120 अलार्म क्लॉक आरोपियों के कब्‍जे से बरामद की थी.