घाटी में शराब के ठेके खोलने की कोई योजना नहीः जम्मू कश्मीर सरकार

कश्मीर घाटी में शराब के ठेके खोलने के सरकार के कथित कदम पर धार्मिक और राजनीतिक संगठनों के विरोध के बाद जम्मू-कश्मीर सरकार ने रविवार को साफ किया कि उसने इस तरह के किसी भी कदम पर विचार नहीं किया है। अलग अलग सामाजिक और धार्मिक संगठनों से मिलकर बनेमुताहिदा मजलिस-ए-उलेमा (एमएमयू) ने कहा कि घाटी में शराब की दुकान खोलने के प्रशासन के कदम का कड़ा विरोध किया जाएगा। एमएमयू के अध्यक्ष हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष मीरवाइज उमर फारूक हैं। एमएमयू ने एक बयान में कहा, ” सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जा रहे सरकार के आदेश में साफ कहा गया है कि सरकार कश्मीर घाटी के 67 स्थानों पर शराब की दुकानें खोलने की योजना बना रही है। इससे घाटी के मुसलमान चिंतित और गुस्से में हैं। “संगठन ने सरकार से तत्काल अपना ” अनैतिक और इस्लाम विरोधी” आदेश वापस लेने को कहा। कश्मीर में मुस्लिम बहुसंख्यक हैं। केंद्र शासित प्रदेश के वित्त विभाग ने कहा कि उसने ऐसे इलाकों में शराब के नए लाइसेंस जारी करने को लेकर कोई नीतिगत फैसला नहीं किया है जहां पर शराब की दुकानें नहीं हैं। विभाग ने कहा कि पक्षकारों की भागीदारी और प्रक्रिया के बिना कोई भी फैसला नहीं लिया जाएगा।”यह खबर आई थी कि जम्मू कश्मीर प्रशासन केंद्र शासित प्रदेश में नई दुकानें खोलने की योजना बना रहा है। अल्ताफ बुखारी की “अपनी पार्टी” ने भी इस मुद्दे पर सरकार की आलोचना की।