आतंकियों की नहीं, अब जम्मू-कश्मीर में ड्रग्स की घुसपैठ करा रहा पाकिस्तान

पाकिस्तान एलओसी हो या फिर इंटरनेशनल बार्डर। दोनों ही जगहों पर वह आतंकियों की घुसपैठ कराने में नाकाम हो रहा है। अपनी इस नाकामी को देखते हुए अब पाकिस्तान ने भारत में ड्रग्स की घुसपैठ करानी शुरू कर दी है।

इंटरनेशनल बार्डर और एलओसी दोनों से ही बड़े पैमाने पर पाकिस्तान से हेरोइन की सप्लाई आ रही है। पिछले दो सालों में करीब 2500 करोड़ रुपये की हेरोइन पकड़ी जा चुकी है। इसमें नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने ही लगभग 1500 करोड़ रुपये की हेरोइन पकड़ी हुई है।

बाकी की पुलिस कार्रवाई में पकड़ी गई है। पहले तो एलओसी पर ही इसकी सप्लाई हो रही थी। अब तस्करी के लिए बार्डर का इस्तेमाल भी होने लगा है। सुंदरबनी और सुचेतगढ़ दो ऐसे बार्डर एरिया हैं, यहां पर पिछले एक साल में दो बार हेरोइन की तस्करी की कोशिश की गई।

दोनों ही बार एक ही तरह का प्लानिंग से तस्करी हुई। तस्करों ने एक प्लास्टिक के कैन को फाड़ा और उसमें उसमें पैकिंग करके उसको दोबारा जोड़ दिया। इसके बाद भारतीय सीमा में फेंक दिया।

पाक तस्कर अकरम है आका

जानकारी के अनुसार पाकिस्तान में रहने वाला चौधरी अकरम पाकिस्तान में हेरोइन का सबसे बड़ा तस्कर है। जो वहां से भारत में रहने वाले तस्करों के लगातार संपर्क में हैं। कठुआ से लेकर पुंछ तक अपना नेटवर्क चलाता है। जो भारतीय सेना और बीएसएफ के लिए सिरदर्द बन चुका है।

अकरम ने अपने आगे एक पूरी गैंग बना रखी है, जो तस्करी का काम करती है। इसकी पाकिस्तानी रेंजर भी मदद करते हैं। जो उसे सरहद तक पहुंचने में मदद करते हैं। अकरम के लिए काम करने वाले तस्करों को पाकिस्तानी रेंजर सरहद तक पहुंचा देते हैं और वह सप्लाई भेज निकल जाते हैं।