J&K: सेना पर 14 साल के लड़के की बेरहमी से पिटाई का आरोप, स्थानीय लोगों का प्रदर्शन

जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले में स्थानीय लोगों ने सेना द्वारा दो लड़कों की कथित हिरासत और पिटाई के खिलाफ रविवार को बड़ी संख्या में लोगों ने सड़कों पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि आतंकवादी कमांडर जाकिर मूसा की हत्या के बाद हुए प्रदर्शनों के दौरान सेना ने एक कैंप में धरमुना गांव के कुछ युवकों को हिरासत में लिया था। बाद में दोनों लड़कों को उनके परिवार वालों को सौंप दिया गया। इनमें से एक के परिवार वालों ने कहा कि दोनों लड़कों को सेना के जवानों ने बेरहमी से पीटा है।

आरोप के अनुसार पिटाई के बाद सोइबग गांव के 14 वर्षीय फाजिल फयाज मलिक को शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एसकेआईएमएस) के लिए रेफर किया गया। सिर पर चोट लगने की वजह से उसका ऑपरेशन किया गया। एक डॉक्टर ने कहा फाजिल को लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया है और उसकी हालत गंभीर है। स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया है कि पहले जब वे हिरासत में लिए गए लड़कों की रिहाई की मांग करते हुए सेना के शिविर में पहुंचे, तो उन्हें बताया गया कि लड़कों को पुलिस को सौंप दिया गया है।

सेना ने कहा- करेंगे तथ्यों की जांच
एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि उनकी हिरासत में अब केवल तीन लड़के हैं। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल राजेश कालिया ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि सेना आरोप के विवरण का पता लगा रही है और जल्द ही तथ्यों की जानकारी दी जाएगी। बता दें कि 23 मई को कश्मीर के पुलवामा जिले में सेना ने एक आतंकी मुठभेड़ के दौरान अंसार गजावत-उल-हिंद के चीफ जाकिर मूसा को मार गिराया था। इस एनकाउंटर के बाद से ही घाटी में तनाव की स्थिति बनी हुई है।