अप्रैल के बाद पहली बार 74 रुपये से नीचे आया पेट्रोल, जानें सरकार का अगला प्लान

पेट्रोल के दाम बुधवार को दिल्ली में 74 रुपये प्रति लीटर से नीचे आ गए. अप्रैल के बाद यह पहला मौका है जब पेट्रोल की कीमतें इतनी नीचे आई हैं. इस साल की शुरुआत से पेट्रोल-डीजल की कीमतों में तेजी से वृद्धि देखी गई लेकिन पिछले छह हफ्तों से इसकी कीमतों का गिरना जारी है, जिसके बाद अब यह 74 रुपये से नीचे आ गईं हैं.

सार्वजनिक तेल कंपनियों की अधिसूचना के अनुसार दिल्ली में बुधवार को पेट्रोल की कीमत 50 पैसा घटकर 73.57 रुपये प्रति लीटर रह गईं. यह अप्रैल के बाद पेट्रोल की सबसे निचली कीमत है. डीजल की कीमत में 40 पैसे की गिरावट दर्ज की गई और यह 68.89 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया. पिछले छह हफ्तों में पेट्रोल की कीमत में कुल 9.26 रुपये प्रति लीटर की कमी आ चुकी है जबकि डीजल की कीमत कुल 7.2 रुपये प्रति लीटर कम हुई है.

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 18 अक्टूबर से लगातार कटौती हो रही है. इससे पहले अक्टूबर में दिल्ली में पेट्रोल के दाम एक समय 84 रुपये प्रति लीटर की ऊंचाई पर पहुंच गए थे जबकि मुंबई में यह 91.34 रुपये लीटर तक हो गए थे. तब दिल्ली में डीजल का दाम 75.45 रुपये और मुंबई में 80.10 रुपये लीटर हो गया था.

कच्चे तेल की कीमतों में 30% की गिरावट आई है जबकि डीजल-पेट्रोल की कीमतों में महज 7-11% की कटौती हुई है. तेल कंपिनयां 15 दिनों की औसत कीमत के आधार पर पेट्रोल-डीजल की कीमतें तय करती हैं. तेल रिफाइनरीज पेट्रोल-डीजल के रिटेलर्स से जो कीमतें वसूलती हैं, उसे गेट प्राइसेज कहते हैं.

आगे सरकार का यह है प्लान
कच्चे तेल की कीमत 60 डॉलर प्रति बैरल से भी नीचे जा चुकी है लेकिन भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम में और ज्यादा राहत मिलने की उम्मीद कम है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार एक बार फिर से फ्यूल पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने पर विचार कर रही है. गौरतलब है कि दो महीने पहले अक्टूबर में जब क्रूड ऑयल  86.74 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर था तब सरकार ने 4 अक्टूबर को फ्यूल पर एक्साइज ड्यूटी 1 रुपये प्रति लीटर घटा दी थी.

 

1 रुपये प्रतिलीटर एक्साइज ड्यूटी बढ़ा सकती है सरकार 
इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार ईंधन पर फिर से 1 रुपये प्रतिलीटर की एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने पर विचार कर रही है. सरकार के राजस्व में एक्साइज ड्यूटी का बड़ा योगदान रहता है, खासकर पेट्रोल-डीजल पर लगने वाली ड्यूटी का. इसके चलते सरकार नहीं चा​हेगी कि आखिरी साल में उसकी बैलेंस शीट खराब दिखे. फिलहाल केंद्र सरकार पेट्रोल पर 18.48 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 14.33 रुपये प्रति लीटर की एक्साइज ड्यूटी वसूल रही है. इसके बाद वैट लगता है, जिसकी दर अलग-अलग राज्य में अलग-अलग है.