भारत और नेपाल के बीच हुए नक्शा विवाद के बाद आज भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ओर नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के बीच आज पहली बार बातचीत हुई. फोन पर हुई ये बातचीत करीब 15 मिनट तक चली. जिसमें कई मुद्दों पर बातचीत हुई.

इस बातचीत में नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने पीएम नरेंद्र मोदी को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दी. साथ ही उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत के अस्थाई सदस्य के तौर पर चुने जाने को लेकर भी बधाई दी.

भारत के विदेश मंत्रालय के मुताबिक पीएम मोदी ने बातचीत के दौरान कोरोना महामारी को लेकर सहायता जारी रखने का आश्वासन भी दिया. वहीं, पीएम मोदी ने भारत-नेपाल के सांस्कृतिक और मानवीय संबंधों पर भी अपनी बात रखी. हालांकि इस दौरान भारत-नेपाल के बीच जारी सीमा विवाद पर कोई बातचीत नहीं हुई.

ये बातचीत उस विवाद के बाद पहली बार हुई है, जिसमें नेपाल ने भारत के उत्तराखण्ड राज्य के हिस्सों को अपने नक्शे में शामिल कर लिया था. नेपाल कालापानी, लिम्पियाधुरा और लिपुलेख इलाकों पर दावा जता रहा है और उसे अपने नक्शे में शामिल किया है. इस विवाद के बाद दोनों देशों के शीर्ष नेताओं में कोई बातचीत नहीं हुई थी.

भारत और नेपाल के शीर्ष राजनेताओं के बीच ये बातचीत तब हुई है, जब भारत और नेपाल के बीच काठमांडू में दो दिनों बाद उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमण्डल की बातचीत होनी है. इस बातचीत में भारत की अगुवाई नेपाल में भारतीय दूतावास के उच्चायुक्त विनय मोहन क्वात्रा करेंगे, वहीं नेपाल की अगुवाई विदेश सचिव शंकर दास बैरागी करेंगे.

भारत सरकार के सूत्रों का कहना है कि ये बातचीत पहले यानि साल 2016 से तय बिंदुओं पर होगी, जिसमें नेपाल के अंदर भारत द्वारा कराए जा रहे विकास कार्यों की समीक्षा भी होगी.

गौरतलब है कि भारत सरकार की तरफ से नेपाल के विकास के लिए कई बड़े प्रोजेक्ट चलाए जा रहे हैं, जिसें तराई इलाकों की 10 सड़कों को बनाने के साथ ही जोगबनी-बिराटनगर, जयनगर-बरदीबस रेल प्रोजेक्ट भी शामिल है. इसके अलावा दोनों देशों के बीच बीरगंज, बिराटनगर, नेपाल गंज और भैरहवा में इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट भी बनाए जा रहे हैं. भारत सरकार ने नेपाल की मदद के लिए साल 2019-2020 के लिए 1200 करोड़ रुपए का बजट जारी किया है.