पहले कश्मीर में पाकिस्तान और ISIS के झंडे लगते थे, अब तिरंगा लहराता है: राजनाथ सिंह

केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि पहले कश्मीर में पाकिस्तान और आईएसआईएस के झंडे लगते थे लेकिन अब तिरंगा लहराता है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की वर्चुअल जम्मू जन संवाद रैली को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि पहले कश्मीर में ‘आजादी’ के नारे लगते थे। आर्टिकल 370 का जिक्र करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि अब कश्मीर घाटी में हर जगह सिर्फ तिंरगा दिखाई देता है।

राजनाथ सिंह ने आगे कहा, ‘पहले कश्मीर में ‘कश्मीर की आजादी’ की मांग को लेकर प्रदर्शन होते थे। पाकिस्तान और आईएसआईएस के झंडे दिखाई देते थे लेकिन अब सिर्फ तिरंगा दिखाई देता है।’ उन्होंने साल 1947 में कश्मीर घाटी में तिरंगा फहराने वाले मोहम्मद मकबूल शेरवानी को भी याद किया और उनको श्रद्धांजलि दी।

सरपंच अजय पंडिता को दी श्रद्धांजलि
हाल ही में आतंकियों के हाथ मारे गए सरपंच अजय पंडिता की हत्या की निंदा करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा, ‘मैं सरपंच अजय पंडिता को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं, जोकि एक कायराना हमले में मारे गए। मैं बारामुला के मोहम्मद मकबूल शेरवानी को भी श्रद्धांजलि देता हूं, जिन्होंने 1947 में घाटी में तिरंगा लहराया।’

पीओके के बारे में राजनाथ सिंह ने कहा, ‘कुछ दिन इंतजार कीजिए, पीओके से ही मांग होगी कि हम भारत के साथ रहना चाहते हैं, पाकिस्तान के कब्जे में नहीं। मैं आपको बताना चाहूंगा कि जिस दिन यह होगा, हमारी संसद का भी संकल्प पूरा हो जाएगा। मौसम बदल चुका है और हमारे चैनल्स मुजफ्फराबाद-गिलगिट का तापमान, दर्जा हरारत बता रहे हैं। ये दर्जा हरारत बताने के कारण अब इस्लामाबाद में भी कुछ हरारत महसूस होने लगी है। इसलिए वे कुछ ज्यादा शरारत करने पर आमादा हैं।’

जारी है चीन के साथ बातचीत
चीन के साथ सीमा विवाद पर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, ‘भारत-चीन के बीच जो भी विवाद पैदा हुआ है, इस समय सैन्य लेवल पर बात चल जारी है। चीन ने भी ये इच्छा व्यक्त की है कि बात-चीत के द्वारा इसका समाधान निकाला जाना चाहिए। हमरी कोशिश भी यही है कि सैन्य और डिप्लोमेटिक स्तर पर बातचीत के जरिए इसका समाधान निकाला जाए।’

राफेल और सैन्य ताकतों के बारे में राजनाथ सिंह ने कहा, ‘राफेल लड़ाकू विमान सेना में शामिल होने के बाद हमारी वायु सेना की ताकत बढ़ जाएगी। हम किसी को डराने के लिए ताकत नहीं बढ़ाना चाहते, बल्कि अपनी सुरक्षा के लिए ताकत बढ़ाना चाहते हैं।