राजौरी में बंद मिले 50 आंगनबाड़ी केंद्र, 55 कार्यकर्ता नदारद

जिला प्रशासन राजौरी ने जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यप्रणाली को जांचने के लिए मंगलवार को बड़े स्तर पर औचक निरीक्षण किया। जिला के करीब 508 आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण किया गया, जिसमें 40 केंद्र बंद पाए गए। इसके अलावा 55 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं ड्यूटी से नदारद पाई गई। जिला आयुक्त राजौरी एजाज अहमद असद के निर्देश पर अतिरिक्त उपायुक्तों, एसडीएम, तहसीलदारों, नायब तहसीलदारों की देखरेख में यह निरीक्षण हुआ। निरीक्षण सुबह 10:30 बजे शुरू हुआ। 508 केंद्रों का निरीक्षण किया गया, जिनमें से 40 केंद्र निरीक्षण के समय बंद पाए गए, 55 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायक अनुपस्थित पाए गए।

कोटरंका में 15 केंद्रों का निरीक्षण किया गया, जिसमें से पांच बंद पाए गए। तीन कर्मी अनुपस्थित पाए गए। मांजाकोट में 53 केंद्रों का निरीक्षण किया गया, जिनमें से सात बंद पाए गए और 18 कर्मी निरीक्षण के समय अनुपस्थित पाए गए। तहसील सियोट में 18 केंद्रों का निरीक्षण किया गया, जिनमें से एक को बंद पाया गया और एक कर्मी को अनुपस्थित पाया गया। दरहाल में 34 केंद्रों का की जांच की गई, जिनमें एक बंद मिला। त्रियाठ में 57 केंद्रों की जांच की गई। सभी ठीक से काम कर रहे हैं, लेकिन तीन कर्मी अनुपस्थित पाए गए। कालाकोट में 29 केंद्रों का निरीक्षण किया गया था, जिसमें से चार निरीक्षण के समय बंद मिले और पांच कर्मी अनुपस्थित पाए गए। सुंदरबनी में 48 केंद्रों का निरीक्षण किया गया, सभी केंद्र खुले मिले ।

तहसील बेरीपतन में 18 केंद्रों का निरीक्षण किया गया एक कर्मी अनुपस्थित पाए गए। तहसील राजौरी में नौ केंद्रों का निरीक्षण किया गया और सभी केंद्र खुले मिले। नौशहरा में 69 केंद्रों का निरीक्षण किया गया, दो बंद मिले, जबकि एक कर्मी अनुपस्थित था। किला दरहाल में 22 केंद्रों की जांच की, जिनमें से नौ बंद थे और 9 कर्मी भी गैरहाजिर रहे। खब्बास में 65 केंद्रों में से चार बंद मिले और एक कर्मी ड्यूटी से नदारद मिला। इस बीच जिला आयुक्त राजौरी ने नियमों के तहत आवश्यक कार्रवाई शुरू करने के लिए बंद पाए गए केंद्रों की सूची और अनुपस्थित लोगों की सूची भी मांगी है।