लॉकडाउन में मिल सकती हैं कई नई रियायतें, गृह मंत्रालय ने बताया- 4 मई से लागू होंगे नए दिशा निर्देश

देशभर में जारी लॉकडाउन में चार मई से रियायतें मिलने की उम्मीद हैं. गृहमंत्रालय की प्रवक्ता के ट्वीट के बाद इस बात के संकेत मिल रहे हैं. हालांकि इस बात के भी संकेत मिले कि लॉकडाउन (बंद) की अवधि को तीन मई से भी आगे बढ़ाया जा सकता है. गृह मंत्रालय ने कहा कि तीन मई तक सख्ती से बंद लागू करने की आवश्यकता थी, ताकि संक्रमण काबू करने की दिशा में जो प्रगति हुई है, उन पर पानी न फिर जाए.

किन इलाकों में मिल सकती है छूट?

जिन इलाकों में कोरोना के कोई मामले नहीं आए हैं, ग्रीन जोन को किसी तरह की राहत मिल सकती है. खेती को लेकर थोड़ी राहत की उम्मीद की जा सकती है. हो तो ये भी सकता है कि कम राहत मिले या ना मिले. जो भी होगी वो 3 मई तक पता चलने की उम्मीद है.

गृह मंत्रालय की प्रवक्ता के ट्वीट के बाद लोगों में उम्मीद जगी है कि 4 मई के बाद लॉकडाउन में बड़ी राहत मिल सकती है. गृह मंत्रालय की प्रवक्ता ने ट्विटर पर लिखा, ”कोरोना के खिलाफ लड़ाई पर गृह मंत्रालय में एक समीक्षा बैठक हुई. बैठक में पाया गया कि लॉकडाउन की वजह से कोरोना के खिलाफ लड़ाई में जबरदस्त लाभ और सुधार हुआ है.”

ट्वीट में आगे लिखा है, ”लॉकडाउन की वजह से हुए फायदे को बरकरार रखा जाए इसके लिए 3 मई तक लॉकडाउन के नियमों का पूरी सख्ती से पालन जरूरी है. कोरोना के खिलाफ लड़ने के लिए नए दिशा-निर्देश 4 मई से लागू होंगे, जिससे कई जिलों को काफी राहत मिलेगी. आने वाले दिनों में इसके बारे में सूचित किया जाएगा.”

दूसरे राज्यों में फंसे लोगों के लिए जारी की गई गाइडलाइन

देश भर में लॉकडाउन के कारण फंसे लोग एक राज्य से दूसरे राज्य जा सकते हैं. अब तक ऐसा करने पर रोक थी. केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने नई गाइडलाइन जारी कर दी है. इस फ़ैसले के बाद मज़दूर, टुरिस्ट, श्रद्धालु और छात्र अपने अपने घर लौट पाएंगे. गाइडलाइन में कहा गया है कि इसके लिए राज्य सरकारें आपस में बात कर फ़ैसला करेंगी.

गाइडलाइन के मुताबिक एक राज्य से दूसरे राज्य में जानें वालों को सोशल डिस्टन्सिंग के नियमों का पालन करना पड़ेगा. बस में लोगों को बैठाने से पहले और फिर उन्हें उतारने के बाद सेनिटाइज किया जाएगा. लोगों को रवाना करने से पहले और फिर अपने शहर पहुंचने पर स्क्रीनिंग से गुजरना पड़ेगा. चौदह दिनों तक होम क्वॉरंटीन में रहना पड़ेगा. कोरोना के लक्षण वालों को सरकारी क्वॉरंटीन सेंटर भेजा जायेगा.