अब हिजबुल का यह कमांडर है सेना के निशाने पर, इस साल हुआ 89 आतंकियों का काम तमाम

जम्मू-कश्मीर में दहशतगर्दों के खिलाफ सुरक्षाबल कहर बनकर टूट रहे हैं। इस साल अब तक 89 आतंकियों का काम तमाम हो चुका है। इनमें सभी आतंकी तंजीमों के आतंकी है। सुरक्षा बलों की कार्रवाई से लगभग सभी तंजीमों को भारी नुकसान पहुंचा है। सेना की ओर से जारी टॉप टेन सूची में शामिल अब हिजबुल कमांडर रियाज नायकू निशाने पर है। वर्ष 2018 में 272 आतंकियों को मार गिराने में सफलता हाथ लगी थी।

सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार इस साल अब तक 89 आतंकी मारे जा चुके हैं। 20 आतंकियों को पकड़ने में सफलता मिली है। पुलवामा में सीआरपीएफ काफिले पर फिदायीन हमले के बाद अकेले जैश के 28 आतंकी मारे गए। इनमें 14 पाकिस्तानी थे। सुरक्षा बलों की ओर से इस साल चलाए गए आपरेशन में सभी आतंकी तंजीमों जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-ताइबा, हिजबुल मुजाहिदीन, आईएसजेके व अंसार गज्वातुल हिंद को झटका पहुंचा है। घाटी में हिजबुल मुजाहिदीन के बुरहान ग्रुप का खात्मा हो गया है।

गत तीन मई को शोपियां जिले के अदखारा गांव में इस ग्रुप के अंतिम आतंकी लतीफ अहमद डार उर्फ लतीफ टाइगर को सुरक्षा बलों ने मार गिराया। बुरहान ग्रुप में शामिल 11 आतंकियों का फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसमें एक मात्र लतीफ ही बचा था। एक अन्य आतंकी तारिक पंडित को 2016 में सुरक्षा बलों ने गिरफ्तार कर लिया था। जैश के टॉप कमांडर पाकिस्तान के खालिद भाई व अंसार गज्वातुल हिंद प्रमुख जाकिर मूसा जैसे बड़े नाम को भी ढेर करने में सफलता मिली है।

सबसे अधिक आतंकी दक्षिणी कश्मीर के चार जिलों अनंतनाग, शोपियां, पुलवामा व कुलगाम में सक्रिय हैं। इनमें स्थानीय आतंकी अधिक हैं। हिजबुल मुजाहिदीन का इस इलाके में खासा प्रभाव है। सूत्रों ने बताया कि यहां लगभग 230 स्थानीय तथा 60 विदेशी आतंकी सक्रिय हैं। उत्तरी कश्मीर में 130 आतंकियों की मौजूदगी की सूचना है, जिसमें ज्यादातर पाकिस्तानी हैं। इसके साथ ही मध्य कश्मीर में भी 15-20 आतंकियों के सक्रिय होने की सूचना है।