संतों ने राम मंदिर निर्माण के लिए भरी हुंकार, जगत गुरु हंस देवा चार्य ने कहा- 77वीं लड़ाई शुरू

रियासत की राजधानी जम्मू में रविवार को देश के विभिन्न हिस्सों से एकत्रित हुए संतों ने विश्व हिंदू परिषद के झंडे तले अयोध्या में श्रीराम मंदिर के निर्माण की हुंकार भरी। अयोध्या में श्रीराम मंदिर के निर्माण के लिए केंद्र सरकार पर दबाव डालने के मकसद से विश्व हिंदू परिषद की धर्म सभा के मंच से संतों ने राम मंदिर निर्माण के लिए हुंकार भरते हुए कांग्रेस को भी निशाने पर लिया।

मुख्य वक्ता जगतगुरु हंस देवाचार्य जो अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए संतों की समिति के पदाधिकारी भी हैं, ने सुप्रीम कोर्ट के जजों पर निशाना साधते हुए कहा कि केवल तीन मिनट की सुनवाई में अदालत के जजों ने कहा कि राम मंदिर उनकी प्राथमिकता में शामिल रही है। कांग्रेस के नेता कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि राम मंदिर पर फैसला 2019 लोकसभा चुनाव के बाद आए। हंस देवाचार्य ने कहा कि संतों का धर्मादेश है कि केंद्र सरकार कानून बनाकर या अध्यादेश लाकर श्रीराम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त करे।

उन्होंने कहा कि मंदिर के लिए अब तक 76 बार युद्ध हो चुके हैं और चार लाख हिंदुओं ने प्राणों का बलिदान दिया है। छह दिसंबर 1992 को बाबरी ढांचा गिराकर हिंदुओं ने ताकत का परिचय दिया था। अब मंदिर निर्माण के लिए 77वीं लड़ाई शुरू हो चुकी है। श्री राम मंदिर निर्माण के लिए पत्थरों को तराशने का काम 60 फीसदी तक पूरा हो चुका है।

जिस दिन सौ फीसदी काम पूरा हो गया, संत श्री राम मंदिर के निर्माण का कार्य शुरू कर देंगे। दुनिया की कोई ताकत मंदिर निर्माण को नहीं रोक सकती। उन्होंने कहा जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न अंग हैं और हमेशा रहेगा। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर से आतंकवाद के खात्मे के लिए राज्यपाल बेहतर कार्य कर रहे हैं। पत्थरबाजों को उनकी करनी का फल मिल रहा है। संत अपना कार्य अच्छे से कर रहे हैं और कैसे अच्छे दिन चाहिए।