छह राज्यों के 116 जिलों के श्रमिकों को लाभ पहुंचाएगा गरीब कल्याण रोजगार अभियान : सीतारमण

वित्त मंत्री ने कहा कि देश भर के श्रमिक लॉकडाउन शुरू होने के बाद अपने गांव वापस जाना चाहते थे और केंद्र व राज्य सरकारों ने इसकी व्यवस्था की। हमने पाया है कि लॉकडाउन के दौरान घर वापस लौटने वाले श्रमिक मुख्यत: छह राज्यों के 116 जिलों से थे। इन राज्यों में बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, ओडिशा और राजस्थान हैं।
सीतारमण ने कहा कि 125 दिन के अंदर इन 116 जिलों के लिए सरकार की करीब 25 योजनाओं को गरीब कल्याण रोजगार अभियान के तहत लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन 125 दिनों में हम हर योजना को उसके उच्चतम स्तर पर लेकर जाएंगे। यह अभियान ग्रामीण भारत में रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा।  
प्रधानमंत्री मोदी 20 जून को सुबह 11 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम में इस अभियान की शुरुआत करेंगे। यह अभियान ग्रामीण विकास, पंचायती राज, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग, खान, पेयजल और स्वच्छता, पर्यावरण, रेलवे, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस, नवीकरणीय ऊर्जा, सड़क, दूरसंचार और कृषि का एक सामूहिक प्रयास होगा।

वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि वापस लौटे श्रमिकों का उपयोग करते हुए इन 25 अलग-अलग कामों के अंदर जो भी लक्ष्य हासिल करना है उसे हासिल किया जाएगा। इन 25 योजनाओं को मिलाकर करीब 50,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। पढ़िए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की प्रेस वार्ता की प्रमुख बातें…

  • प्रवासी श्रमिकों की सहायता के लिए सरकार मिशन मोड में है।
  • 20 जून के पीएम मोदी करेंगे गरीब कल्याण रोजगार अभियान की शुरुआत।
  • रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर दे रही है सरकार
  • स्थायी बुनियादी ढांचा तैयार किया जाएगा। 
  • 50 हजार करोड़ रुपये के सार्वजनिक कार्य कराए जाएंगे। 
  • बिहार के खगडिया जिले से होगी अभियान की शुरुआत।
  • योजना के लिए छह राज्यों के 116 जिलों की पहचान की गई है।
  • एक तिहाई प्रवासी श्रमिकों के लाभान्वित होने का अनुमान।
  • गावों में आजीविका के अवसर बढ़ाएगा यह अभियान।
  • छह राज्यों के 27 आकांक्षी जिले भी इस अभियान में शामिल।
  • सरकार की 25 योजनाएं इस अभियान के तहत लाई जाएंगी। 
  • इन 25 योजनाओं को मिलाकर 50 हजार करोड़ रुपये आवंटित
  • 125 दिन के अंदर हर योजना को उसके उच्चतम स्तर पर पहुंचाएंगे।
  • श्रमिकों के कौशल का मानचित्रण कर लिया गया है।
  • हर जिले में कम से कम 25000 श्रमिकों को काम मिलेगा।

भारत-चीन व्यापार पर सवाल को लेकर साधी चुप्पी

प्रेस वार्ता के दौरान भारत और चीन के बीच व्यापार संबंधों को लेकर किए गए सवाल पर वित्त मंत्री ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि चीन और भारत संबंध को लेकर विदेश मंत्रालय प्रेस रिलीज जारी कर रहा है, उसमें पूरी जानकारी दी जा रही है।