रमज़ान पर जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने किए खास इंतजाम, जरूरतमंदों में बंटवाए जाएंगे 60,000 फूड पैकेट

रमज़ान के पवित्र महीने में गरीबों में प्रशासन 60 हजार फूड पैकेट बंटवाएगा. इसका मकसद है ये है कि रमज़ान के पवित्र महीने में लॉकडाउन के चलते कोई भूखा न रहे और लॉकडाउन पर भी असर न पड़े.

पवित्र महीने रमजान के बीच गरीब और जरूरतमंद लोगों को राहत देने के लिए, जिला प्रशासन श्रीनगर ने 60 हजार फ़ूड किट तैयार किए हैं, जिसमें सभी आवश्यक वस्तुएं शामिल हैं. इन चीजों को रमज़ान शुरू होते ही गरीब और जरूरतमंद लोगों में बांटा जाएगा. इतना ही नहीं यह पैकेट उनके घर भी पहुंचाए जाएंगे.

ये पैकेट शहर में मुसलमानों के पवित्र महीने रमज़ान के पहले दिन तसकीन किए जाएंगे. प्रशासन की कोशिश है कि इस पवित्र इबादत के महीने में जो लोग दिन भर कमाते थे और शाम को रोटी खाते थे, उन्हें भूखा न रहना पड़े. इसके साथ ही यह फूड पैकेट उनके घरों तक पहुंचाने से, उन्हें घरों से बाहर भी नहीं आना पड़ेगा. इस तरह लॉकडाउन पर भी असर नहीं पड़ेगा.

इस काम को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए की एक बड़ी टीम श्रीनगर के एक कॉलेज में इन फूड पैकेट्स को तैयार कर रही है. प्रशासन के मुताबिक, 60 हजार फूड पैकेट तयार किए जाएंगे.

एक पैकेट में 5 किलो चावल 2 किलो आटा 1 किलो चीनी के अलावा मिर्ची, हल्दी, चाय और तेल शामिल है यानी किचन की जो आवश्यक चीजें है, वह इन जरूरतमंदों तक पहुंचाई जाएंगी.

कोविड-19 लॉकडाउन के बीच समाज के कमजोर वर्गों के लोग जो हैं उनकी प्रशासन ने एक सूची तैयार की है, जिसके तहत उनके घर पर ये पैकेट पहुंचाए जाएंगे.

शहीद इकबाल चौधरी, जिला मजिस्ट्रेट कहते है “ रमज़ान को लेकर हम ने तैयारी की है. सबसे पहले जो बेसिक है, बिजली पानी वो रहेगा. इसके अलावा हमने 60 हजार किट तैयार किए हैं. ये हम रमज़ान के दिन डिलीवर करेंगे. जब एक बार मुफ्त राशन की डिलीवरी खत्म होगी गुरुवार तक, शुक्रवार को इन किट्स की डिलीवरी करेंगे और इसके साथ ही जो जरूरी कदम हैं, वो उठाए जाएंगे.

बता दें कि दुनिया भर में मुसलमान कोरोना वायरस के प्रकोप के कारण रमज़ान को लॉकडाउन में मनाएंगे, जिससे जीवन थम गया है. दुनिया भर के मुसलमान महीने में सुबह से ही उपवास करते हैं, और पूरा महीना इबादत का रहता है.