सोशल मीडिया पर पोस्‍ट करने से पहले चार बार सोचें, ‘देश विरोधी पोस्ट’ पर फोटोग्राफर व पत्रकार पर हुई FIR

कोरोना वायरस (Coronavirus) की वजह से वैश्विक संकट के दौर में लॉकडाउन (Lockdown 2.0) के बीच हर आम ओ खास की जिम्‍मेदारी बहुत बढ़ गई है। आपको कोई ऐसा काम करने से बचना है जिससे देश और आवाम को कोई नुकसान हो। सोशल मीडिया (Social Media) सूचनाओं के आदान-प्रदान का सशक्‍त माध्‍यम है। आपको इस पर कोई पोस्‍ट (Anti Country Post) करने से पहले चार बार सोचना चाहिए। जल्‍दीबाजी में बगैर सोचे-समझे किया गया पोस्‍ट आपको मुसीबत में डाल सकता है। इससे जुड़ा एक मामला सामने आया है, जहां जम्मू-कश्मीर में , जहां गलत पोस्‍ट की वजह से जेल की हवा खानी पड़ी है। पुलिस ने 26 वर्षीय एक महिला फोटोग्राफर के खिलाफ सोशल मीडिया में कथित रूप से ‘राष्ट्र-विरोधी पोस्ट’ अपलोड करने के लिए कड़े गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत केस दर्ज किया है। एक अन्य मामले में पुलिस ने एक राष्ट्रीय समाचार पत्र में प्रकाशित एक स्टोरी के लिए पत्रकार पीरजादा आशिक के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस द्वारा जारी बयान में आरोप लगाया गया कि समाचार पत्र में जो स्टोरी छपी थी वो फर्जी है।

युवाओं को भड़काने का लगा आरोप

फोटो पत्रकार के खिलाफ मामले में पुलिस ने दावा किया कि श्रीनगर साइबर पुलिस स्टेशन को 18 अप्रैल को विश्वसनीय सूत्रों के जरिए मालूम हुआ कि एक फेसबुक यूजर मशरत जाहरा लगातार आपराधिक इरादों के साथ राष्ट्र विरोधी पोस्ट अपलोड कर रही हैं। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘मशरत जाहरा के खिलाफ युवाओं को भड़काने और शांति भंग करने की मंशा से राष्ट्रीय विरोधी सामग्री पोस्ट करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है।’

साइबर पुलिस स्टेशन में दर्ज हुई एफआईआर

पुलिस बयान में आगे कहा गया, ‘यूजर की पोस्ट जम्मू-कश्मीर में कानून व्यवस्था बिगाड़ने के लिए जनता को उकसा सकती है। इस संबंध में कानून संबंधित प्रावधान के तहत एफआईआर नंबर 10/2020 साइबर पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई और जांच की गई।’ श्रीनगर निवासी मशरत जाहरा के लेख भारत और विदेशों के विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित हुए हैं।