हॉकी विश्व कप: 16 साल बाद हिस्सा लेंगी 16 टीमें, 16 को ही फाइनल, जानिए और क्या होगा खास

भुवनेश्वर में खेले जाने वाले 14वें हॉकी वर्ल्ड कप में अब सिर्फ तीन दिन बाकी हैं. टूर्नामेंट का उद्घाटन मंगलवार (27 नवंबर) को होगा. इसके बाद बुधवार (28 नवंबर) को शाम पांच बजे से बेल्जियम और कनाडा के बीच टूर्नामेंट का पहला मैच खेला जाएगा. वर्ल्ड कप में हिस्सा लेने वालीं ज्यादातर टीमें ओडिशा पहुंच चुकी हैं. प्रैक्टिस मैच भी शुरू हो गए हैं. भारत ने ओलंपिक चैंपियन अर्जेंटीना को प्रैक्टिस मैच में 5-0 से हराकर अपने इरादे जता दिए हैं. हालांकि, टूर्नामेंट में उसका रास्ता इतना आसान नहीं होगा. जानिए इस विश्व कप की खास बातें:

इस बार खास है 16 का गणित
इस वर्ल्ड कप में 16 टीमें हिस्सा ले रही हैं. ऐसा 16 साल बाद हो रहा है. इससे पहले 2002 में, यानी 16 साल पहले हुए वर्ल्ड कप में ही 16 टीमों ने हिस्सा लिया था. मजेदार बात यह है कि 28 नवंबर को शुरू होने वाले इस टूर्नामेंट का फाइनल भी 16 तारीख (दिसंबर) को ही होगा. यह पहला वर्ल्ड कप होगा, जिसमें क्वार्टर फाइनल मुकाबले भी होंगे.

 

भारत को दूसरे खिताब की तलाश
मेजबान भारत मॉस्को ओलंपिक (1980) के बाद कोई ऐसा खिताब नहीं जीत सका है, जिसमें दुनिया की सभी दिग्गज टीमें शामिल हों. उसके पास अपनी मेजबानी में यह सूखा खत्म करने का मौका है. हालांकि, उसके लिए ऐसा करना आसान नहीं होगा. भारतीय कप्तान मनप्रीत सिंह भी कह चुके हैं कि उनका पहला लक्ष्य क्वार्टर फाइनल जीतना है. भारत ने एकमात्र विश्व कप 1975 में जीता है. उसने मलेशिया में हुए इस तीसरे विश्व कप के फाइनल में पाकिस्तान को हराया था.

 

ऑस्ट्रेलिया की निगाहें हैट्रिक पर
वर्ल्ड नंबर-1 ऑस्ट्रेलिया की टीम हॉकी वर्ल्ड कप में लगातार तीसरे खिताब के इरादे से उतरेगी. वह इससे पहले 2010 में भारत और 2014 में हुए नीदरलैंड वर्ल्ड कप में भी चैंपियन बन चुकी है. हालांकि, 47 साल के हॉकी वर्ल्ड कप इतिहास में आज तक कोई भी टीम खिताबी हैट्रिक नहीं बना सकी है. लेकिन क्रिकेट विश्व कप में लगातार चार खिताब (1996, 1999, 2003 और 2007) जीत चुका ऑस्ट्रेलिया अगर हॉकी में भी खिताबी हैट्रिक बना ले तो हैरानी नहीं होनी चाहिए.

 

तीसरी बार मेजबानी करेगा भारत
भारत हॉकी वर्ल्ड कप की मेजबानी तीसरी बार करेगा. वह इससे पहले 2010 और 1982 में भी ऐसा कर चुका है. साल 2010 में विश्व कप की मेजबानी दिल्ली ने की थी, जबकि 1982 में मेजबान शहर मुंबई था. हॉकी विश्व की शुरुआत 1971 में हुई थी. पहले विश्व कप की मेजबानी स्पेन ने की थी. सबसे अधिक तीन-तीन बार मेजबानी करने का ज्वाइंट रिकॉर्ड भारत और नीदरलैंड के नाम है. मलेशिया ने दो बार मेजबानी की है. स्पेन, अर्जेंटीना, इंग्लैंड, पाकिस्तान, ऑस्ट्रेलिया और जर्मनी ने विश्व कप की मेजबानी एक-एक बार की है.

पाकिस्तान ने जीते हैं सबसे अधिक 4 खिताब
हाल ही में पाकिस्तान की टीम पैसों की तंगी और वीजा के कारणों से चर्चा में रही थी. वह पिछले वर्ल्ड कप में क्वालिफाई भी नहीं कर सकी थी. लेकिन यह उसका वर्तमान है. इतिहास की बात करें तो विश्व कप में सबसे समृद्ध रिकॉर्ड पाकिस्तान के ही नाम है. उसने सबसे अधिक चार बार (1971, 1978, 1982, 1994) विश्व कप का खिताब जीता है. मौजूदा चैंपियन ऑस्ट्रेलिया और नीदरलैंड तीन-तीन खिताब अपने नाम कर चुके हैं. जर्मनी दो बार चैंपियन बन चुका हैं. आठ बार के ओलंपिक चैंपियन भारत ने यह खिताब एक बार जीता है. इन पांच देशों के अलावा कोई भी देश हॉकी विश्व कप नहीं जीत सका है.

 

16 टीमों को बांटा गया है 4 ग्रुप में
विश्व कप में कुल 16 टीमें हैं. इन्हें चार-चार के ग्रुप में बांटा गया है. ग्रुप ए में अर्जेंटीना, स्पेन, न्यूजीलैंड और फ्रांस की टीमें शामिल हैं. ग्रुप बी में ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, आयरलैंड और चीन हैं. ग्रुप सी में मेजबान भारत, दक्षिण अफ्रीका, बेल्जियम और कनाडा की टीमें शामिल हैं. ग्रुप डी में नीदरलैंड, जर्मनी, मलेशिया और पाकिस्तान की टीमें हैं.