IPL-12: अंपायर से भिड़कर भी बैन से बच गए धोनी, मिली बस इतनी सी सजा

अपने शांत स्वभाव के लिए मशहूर कैप्टन कूल एमएस धोनी को आईपीएल-12 के मैच में अंपायर से भिड़ना महंगा पड़ गया. चेन्नई के कप्तान एमएस धोनी गुरुवार को राजस्थान से मुकाबले के दौरान विवाद होने पर अंपायर के फैसले से असहमति जताई थी. वे अपनी इस असहमति को जताने के लिए मैदान के भीतर चले गए थे. मैच रेफरी ने धोनी के इस व्यवहार को आपत्तिजनक मानते हुए उन पर जुर्माना लगाया गया. इसके तहत उनकी 50 प्रतिशत मैच फीस काट ली गई.

आईपीएल ने बाद में बताया कि महेंद्र सिंह धोनी ने आईपीएल की आचार संहिता के स्तर 2 के अपराध 2.20 को स्वीकार किया है. उन्होंने अपने ऊपर लगाए गए जुर्माने को मान लिया है. इस मामले में एमएस धोनी पर एक मैच का बैन भी लगाया जा सकता था, लेकिन उन्हें सिर्फ जुर्माना लगाकर छोड़ने का निर्णय लिया.

यह पूरा विवाद मैच के आखिरी ओवर में हुआ. चेन्नई को इस ओवर में जीत के लिए 18 रन चाहिए थे. तीन गेंदों पर 10 रन बने और एमएस धोनी आउट भी हो गए. ओवर की चौथी गेंद पर अंपायर उल्हास गांधे थोड़े कन्फ्यूज नजर आए. वे बेन स्टोक्स की फुल टॉस गेंद को बीमर मानकर नो बॉल के इशारे के लिए हाथ उठाया, लेकिन पलक झपकते ही हाथ नीचे भी कर लिया. पूरा विवाद इसी बात पर हुआ. बल्लेबाज रवींद्र जडेजा ने अंपायर से नो बॉल देने की अपील की. उधर, एमएस धोनी सीएसके के डगआउट से उठकर मैदान में आ गए. वे काफी गुस्से में दिख रहे थे. उन्होंने दोनों अंपायरों से बहस भी की. इसके बावजूद अंपायरों ने अपना फैसला नहीं बदला.

राजस्थान ने इस मैच में चेन्नई को 152 रन का लक्ष्य दिया था. आखिरी ओवर में विवाद के बाद चेन्नई को जीत के लिए तीन गेंदों पर आठ रन की जरूरत थी. पहली दो गेंदों पर दो-दो रन बने. इस तरह आखिरी गेंद पर चार रन की जरूरत थी. न्यूजीलैंड के मिचेल सैंटनर ने बेन स्टोक्स की आखिरी गेंद को छक्के के लिए स्टैंड में पहुंचा दिया और अपनी टीम को जीत दिला दी .